जमथान में विशेष ग्राम सभा, शासकीय भूमि पर अतिक्रमण एवं गलत पट्टों का गरमाया मुद्दा
तहसील भरतपुर जिला मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़

जमथान में विशेष ग्राम सभा, शासकीय भूमि पर अतिक्रमण एवं गलत पट्टों का गरमाया मुद्दा
(पढिए जिला एमसीबी ब्यूरो चीफ मनमोहन सांधे की खास खबर)
एकलव्य विद्यालय को लेकर ग्रामीणों का फूटा आक्रोश
छत्तीसगढ़ राज्य के जिला एमसीबी अंतर्गत भरतपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत जमथान में आज एक विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। ग्राम सभा का उद्देश्य शासन की विभिन्न योजनाओं एवं चल रहे शासकीय कार्यों की जानकारी ग्रामीणों को देना था। हालांकि यह ग्राम सभा प्रभारी अधिकारी एवं पंचायत सचिव की अनुपस्थिति में आयोजित की गई, जिसे लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली।
ग्राम सभा में पंचायत क्षेत्र में संचालित सभी शासकीय योजनाओं, विकास कार्यों एवं प्रशासनिक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान ग्रामीणों ने एक स्वर में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण एवं गलत तरीके से जारी किए गए पट्टों का गंभीर मुद्दा उठाया। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत क्षेत्र के बैरियल के पास स्थित शासकीय भूमि पर जिन हितग्राहियों को पट्टे दिए गए हैं, वे नियमों के विरुद्ध और त्रुटिपूर्ण हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2016-17 में ग्राम पंचायत द्वारा विधिवत सीमांकन के लिए आवेदन किया गया था, जिसके बाद पटवारी द्वारा सीमांकन कर उक्त भूमि का क्षेत्रफल लगभग 76 एकड़ बताया गया था। इसके बावजूद वर्तमान समय में पटवारी, राजस्व निरीक्षक (आरआई) एवं कुछ जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से उक्त शासकीय भूमि पर गलत पट्टे बना दिए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह विवाद कोई नया नहीं है, बल्कि पिछले करीब 10 वर्षों से लगातार चला आ रहा है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।
ग्राम सभा में उपस्थित ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने यह भी स्पष्ट किया कि उक्त शासकीय भूमि पर आदर्श एकलव्य आवासीय विद्यालय, जमथान के नाम से पूर्व में स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।
इसके बावजूद राजनीतिक दलों की आपसी मिलीभगत और अधिकारियों की उदासीनता के कारण आज तक विद्यालय का संचालन जमथान के बजाय जनकपुर में किया जा रहा है। इससे जमथान सहित आसपास के आदिवासी एवं ग्रामीण बच्चों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने याद दिलाया कि इसी मांग को लेकर पूर्व में अंतरराज्यीय चक्का जाम भी किया गया था, जिसे मौके पर पहुंचे अनुविभागीय अधिकारी एवं पुलिस प्रशासन ने समझाइश देकर समाप्त कराया था। उस समय माननीय विधायक श्रीमती रेणुका सिंह द्वारा यह आश्वासन दिया गया था कि सरकार बनने पर एकलव्य विद्यालय का निर्माण एवं संचालन जमथान में ही कराया जाएगा। लेकिन वर्तमान में ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार अपने वादों से मुकर गई है।
ग्राम सभा में मौजूद सरपंच, पंचों एवं बड़ी संख्या में उपस्थित हितग्राहियों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि यदि शासकीय भूमि की जांच कर गलत पट्टों को निरस्त नहीं किया गया और एकलव्य विद्यालय जमथान में स्थापित नहीं किया गया, तो वे आने वाले समय में उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी आंदोलन की स्थिति में शासन-प्रशासन की पूरी जिम्मेदारी होगी।
ग्राम सभा के दौरान ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला और सभी ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की, ताकि वर्षों से चले आ रहे विवाद का समाधान हो सके और क्षेत्र के विकास का मार्ग प्रशस्त किया जा सके।




