नववर्ष पर गढ़ादाई मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन पर्यटन स्थल घोषित करने की उठी मांग
तहसील भरतपुर जिला मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़

नववर्ष पर गढ़ादाई मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन पर्यटन स्थल घोषित करने की उठी मांग
(पढिए जिला एमसीबी ब्यूरो चीफ मनमोहन सांधे की खास खबर)
छत्तीसगढ़ राज्य के जिला एमसीबी अंतर्गत भरतपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत तिलौली स्थित प्रसिद्ध गढ़ादाई मंदिर में नववर्ष के पावन अवसर पर एक दिवसीय भव्य मेले एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आस्था और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जहां सुबह से देर शाम तक लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने माता गढ़ादाई के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं मांगीं।
नववर्ष के पहले दिन पहाड़ों पर विराजमान माता गढ़ादाई के दरबार में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद माता दाई के आशीर्वाद से अवश्य पूर्ण होती है। इसी आस्था के कारण न केवल आसपास के गांवों से बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु परिवार सहित यहां पहुंचे।

मेले के दौरान पारंपरिक पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन एवं भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा रहा और नववर्ष को लेकर लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य एवं कृषि स्थायी समिति की सभापति श्रीमती सुखमंती सिंह, आम आदमी पार्टी के लोकसभा अध्यक्ष श्री रमाशंकर मिश्र सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में मांग की कि गढ़ादाई मंदिर एवं आसपास के क्षेत्र को सरकारी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। उनका कहना है कि यह स्थल प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण है, जिसे पर्यटन मानचित्र पर शामिल किए जाने से क्षेत्र के विकास के नए द्वार खुलेंगे।

स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि यहां सड़क, बिजली, पानी, ठहरने की व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएं तो यह स्थान प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित कर सकता है। इससे रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

नववर्ष के उपलक्ष्य में ग्रामवासियों द्वारा मिल-जुलकर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने सामाजिक एकता और धार्मिक सौहार्द का संदेश दिया। श्रद्धालुओं ने माता गढ़ादाई से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और विकास की कामना की।




