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जमथान पंचायत में आंगनबाड़ी कम्युनिटी टॉयलेट निर्माण में भारी अनियमितता, सरपंच–सचिव पर लापरवाही शासकीय राशि के दुरुपयोग के गंभीर आरोप

जिला मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़

जमथान पंचायत में आंगनबाड़ी कम्युनिटी टॉयलेट निर्माण में भारी अनियमितता, सरपंच–सचिव पर लापरवाही शासकीय राशि के दुरुपयोग के गंभीर आरोप

(पढिए जिला एमसीबी ब्यूरो चीफ मनमोहन सांधे की खास खबर)

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एक साल से अधूरा पड़ा आंगनबाड़ी भवन, घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप, ग्राम सभा व पंचों को अंधेरे में रखकर निकाली गई राशि

छत्तीसगढ़ राज्य के जिला एमसीबी अंतर्गत भरतपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत जमथान में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कार्य लगभग एक वर्ष पूर्व प्रारंभ हुआ था, लेकिन आज तक यह भवन अधूरा पड़ा हुआ है।

ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण भवन की स्थिति संतोषजनक नहीं है।

स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माण में सीमेंट व ईंट का उपयोग तो दर्शाया गया है

लेकिन ईंटों की गुणवत्ता अत्यंत निम्न स्तर की है, जिसे मौके पर मौजूद फोटो और वास्तविक स्थिति से स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सब सरपंच एवं सचिव की घोर लापरवाही का परिणाम है।

आरोप यह भी है कि आंगनबाड़ी भवन अधूरा होने के बावजूद संबंधित प्रस्ताव बनाकर शासकीय राशि की निकासी कर ली गई। पंचायत प्रतिनिधियों और पंचों का कहना है कि उन्हें न तो निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी दी गई और न ही आज तक किसी प्रकार की पंचायत बैठक या ग्राम सभा विधिवत रूप से आयोजित की गई।

पंचों की बिना बैठक निकाली गई राशि
ग्राम पंचायत के पंचों का आरोप है कि पंचायत गठन को लगभग एक वर्ष हो चुका है,

लेकिन आज तक पंचायत की नियमित बैठकें नहीं हुईं। बिना पंचों की जानकारी और सहमति के शासकीय राशि निकाली जाती रही और मनमाने ढंग से कार्य करवाए गए। पंचायत की आय–व्यय की जानकारी भी सार्वजनिक नहीं की गई, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति कहीं न कहीं शासकीय धन की बंदरबांट की ओर इशारा करती है। पंचायत सदस्यों को भी अपने अधिकारों और जानकारी से वंचित रखा गया है।

सचिव पद को लेकर भी सवाल
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सचिव पंकज सिंह के स्थानांतरण और नए सचिव को प्रभार सौंपने की कोई आधिकारिक जानकारी ग्राम पंचायत सरपंच, पंचों या ग्रामीणों को नहीं दी गई। इंद्रपाल यादव के जाने के बाद भी सचिवीय कार्य बिना पारदर्शिता के संचालित होते रहे और शासकीय राशि की निकासी होती रही, जिसकी जानकारी किसी को नहीं दी गई।

कम्युनिटी टॉयलेट भी अधूरा
इसी तरह ग्राम पंचायत में निर्मित किए जा रहे कम्युनिटी टॉयलेट के निर्माण में भी सरपंच और सचिव पर मिलीभगत का आरोप है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस योजना की राशि भी निकाल ली गई लेकिन निर्माण कार्य आज तक अधूरा है। इससे साफ जाहिर होता है कि योजनाओं का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।

ग्रामीणों की मांग – जांच हो और कार्रवाई हो
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार विकास की गंगा बहाने का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।

आंगनबाड़ी भवन अधूरा होने के कारण आज भी आंगनबाड़ी केंद्र किसी निजी घर में संचालित किया जा रहा है, जो बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा व सुविधा के दृष्टिकोण से चिंताजनक है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी सरपंच–सचिव एवं संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही की जाए तथा आंगनबाड़ी व कम्युनिटी टॉयलेट का निर्माण शीघ्र गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराया जाए।

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