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जिला स्तर शिविर में जनकल्याण योजनाओं का व्यापक प्रचार, सामाजिक समरसता का संदेश

तहसील भरतपुर जिला मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़

जिला स्तर शिविर में जनकल्याण योजनाओं का व्यापक प्रचार, सामाजिक समरसता का संदेश

(पढिए जिला एमसीबी ब्यूरो चीफ मनमोहन सांधे की खास खबर)

भरतपुर (एमसीबी)।
छत्तीसगढ़ राज्य के जिला एमसीबी अंतर्गत भरतपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत हराई में जिला स्तर जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य शासन की जनहितैषी योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुँचाना और सामाजिक समरसता का संदेश देना रहा।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भरतपुर–सोनहत की विधायक श्रीमती रेणुका सिंह रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यशवंती सिंह ने की। विशेष अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य, कृषि स्थायी समिति की प्रतिनिधि श्रीमती सुखमंती सिंह (पति सहित) तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा शासन-प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, ग्रामवासी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों ने अंबेडकरवादी विचारधारा पर प्रकाश डाला और समाज में व्याप्त भेदभाव, छुआछूत और असमानता को समाप्त करने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि आज भी समाज में कहीं न कहीं भेदभाव की प्रवृत्तियाँ देखने को मिलती हैं, जो समाज को बाँटने का काम करती हैं। ऐसे में हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि समानता, भाईचारे और सामाजिक न्याय को मजबूत करें।

मुख्य अतिथि विधायक श्रीमती रेणुका सिंह ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएँ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए ऐसे शिविर अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे योजनाओं की जानकारी लेकर उनका लाभ अवश्य उठाएँ और दूसरों को भी जागरूक करें।

शिविर के दौरान ग्राम पंचायत हराई में मिनी स्टेडियम निर्माण के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि जनपद पंचायत सदस्य की पहल पर इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं

जिससे ग्रामीण युवाओं को खेल गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएँ मिल सकेंगी। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पेंशन, आवास, महिला एवं किसान कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपस्थित नागरिकों को दी गई।

वक्ताओं ने जोर देते हुए कहा कि छुआछूत मुक्त समाज का निर्माण हम सभी का दायित्व है। जब तक समाज से भेदभाव समाप्त नहीं होगा, तब तक प्रदेश, जिला और ग्राम पंचायत का समग्र विकास संभव नहीं है। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को सामाजिक एकता और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने का सफल प्रयास किया गया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों की समस्याएँ सुनीं और उनके त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया।

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