Breaking Newsअन्य राज्यआगराइंदौरइलाहाबादउज्जैनउत्तराखण्डगोरखपुरग्राम पंचायत बाबूपुरग्वालियरछत्तीसगढ़जबलपुरजम्मू कश्मीरझारखण्डझाँसीदेशनई दिल्लीपंजाबफिरोजाबादफैजाबादबिहारभोपालमथुरामध्यप्रदेशमहाराष्ट्रमेरठमैनपुरीयुवाराजस्थानराज्यरामपुररीवालखनऊविदिशासतनासागरहरियाणाहिमाचल प्रदेशहोम

फुलझर पंचायत में प्रशासनिक अधिकारियों के झूठे आश्वासन सोलर पैनल योजना ठप,पानी पीने के लिए तरस रहे हैं ग्रामीणवाशी

जिला भरतपुर जिला मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़

फुलझर पंचायत में प्रशासनिक अधिकारियों के झूठे आश्वासन सोलर पैनल योजना ठप,पानी पीने के लिए तरस रहे हैं ग्रामीणवाशी

(पढिए जिला एमसीबी ब्यूरो चीफ मनमोहन सांधे की खास खबर)

भरतपुर (एमसीबी)।
छत्तीसगढ़ राज्य के जिला एमसीबी अंतर्गत भरतपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत फुलझर आश्रित ग्राम शिवटोला में लगे सोलर पैनलों से ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई थी। सरकार का दावा है कि सभी सोलर पैनल सुचारू रूप से संचालित हो रहे हैं, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।

गांव में लगे अधिकांश सोलर पैनल वर्षों से बंद पड़े हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि सही जांच की जाए तो करीब 60 प्रतिशत सोलर पैनल बंद हालत में मिलेंगे। जिनसे न तो किसानों को और न ही मजदूर एवं गरीब तबके को शुद्ध पेयजल की सुविधा मिल पा रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि इन सोलर पैनलों की देखरेख और मरम्मत के लिए जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी मौके पर ध्यान नहीं दे रहे।

सरकार योजनाओं की घोषणा तो करती है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर उनका क्रियान्वयन अधूरा रह जाता है।

गांव के लोगों ने शासन-प्रशासन से तुरंत जांच कर दोषी कर्मचारियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो गर्मी के दिनों में उन्हें और भी गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ेगा।

(ग्रामीणों की मांग )

* सोलर पैनलों की तत्काल तकनीकी जांच हो।

* बंद पड़े पैनलों को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए।

* लापरवाह अधिकारियों-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई हो।

गरीब किसान और मजदूर परिवारों के लिए पानी जीवनरेखा है, इसे हल्के में लेना उनकी जिंदगी से खिलवाड़ है। ग्रामीणों की पीड़ा।

Related Articles

Back to top button