दिलीप सिंह परिहार ने कहा किसानों की आय बढ़ाने नवाचारों को बढ़ावा दें
जिला सतना मध्य प्रदेश

दिलीप सिंह परिहार ने कहा किसानों की आय बढ़ाने नवाचारों को बढ़ावा दें
(पढिए राजधानी एक्सप्रेस न्यूज़ हलचल आज की सच्ची खबरें)
मध्यप्रदेश विधानसभा की कृषि विकास समिति ने ली कृषि एवं सम्बद्ध विभागों की समीक्षा बैठक
सतना, 23 अगस्त 2025।
मध्यप्रदेश विधानसभा की कृषि विकास समिति के सभापति श्री दिलीप सिंह परिहार ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कृषि क्षेत्र में निरंतर नवाचारों को प्रोत्साहित करना होगा। प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देकर ही किसानों का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है।
चित्रकूट में हुई समीक्षा बैठक
श्री परिहार शनिवार को चित्रकूट के ग्रामोदय विश्वविद्यालय के सभागार में सतना जिले की कृषि परियोजनाओं और गतिविधियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर समिति के सदस्य विधायक **श्री श्रीकांत चतुर्वेदी, श्री भैरव सिंह बापू, श्री नरेंद्र प्रजापति**, स्थानीय विधायक चित्रकूट **श्री सुरेंद्र सिंह गहरवार**, समिति सचिव **श्री अरविंद शर्मा**, कलेक्टर **डॉ. सतीश कुमार एस**, सीईओ जिला पंचायत **सुश्री संजना जैन**, डीएफओ **श्री मयंक चांदीवाल**, सहायक कलेक्टर **श्री अनिकेत शांडिल्य**, अपर कलेक्टर **श्री विकास सिंह**, संयुक्त संचालक कृषि **श्री जेएस नेताम**, उप संचालक कृषि श्री आशीष पाण्डेय सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

खेती देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़
सभापति श्री परिहार ने कहा –किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। सरकार बिजली, पानी, खाद-बीज जैसी सभी मूलभूत जरूरतों की पूर्ति कर रही है और समर्थन मूल्य पर उपज की खरीदी कर रही है। समिति किसानों और सर्वहारा वर्ग के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है।”
उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश लगातार कृषि कर्मण पुरस्कार प्राप्त कर रहा है और अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा है कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जाए।
मिलावट और कालाबाजारी पर सख्ती
श्री परिहार ने निर्देश दिए कि किसानों को अच्छी गुणवत्ता का खाद, बीज और कीटनाशक उपलब्ध हो, इसके लिए मिलावटखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
जिले की उपलब्धियां और नवाचार
उप संचालक कृषि आशीष पाण्डेय ने बताया –
* खरीफ में 2.09 लाख हेक्टेयर और रबी में 2.62 लाख हेक्टेयर में फसल ली जाती है।
* वर्ष 2024 में जिले का धान उत्पादन औसत 43.65 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रहा, जो राज्य और राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है।
* सतना के प्रगतिशील किसान बाबूलाल दाहिया को जैव विविधता पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
* नरवाई प्रबंधन हेतु हैपीसीडर और सुपरसीडर जैसे आधुनिक कृषि यंत्र किसानों तक पहुंचाए गए।
* फसल बीमा योजना से 1.30 लाख से अधिक किसानों को लाभ हुआ है।

उद्यानिकी और पशुपालन में प्रगति
सहायक संचालक उद्यानिकी अनिल सिंह ने बताया कि पीएम-किसान सम्पदा योजना और पीएम-एफएमई में लक्ष्य पूर्ण किए गए हैं। मसालों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ. वंदना जैन ने बताया कि दुग्ध उत्पादन की योजनाओं को किसानों से बेहतर रिस्पॉन्स मिल रहा है।
वन, ऊर्जा और सिंचाई क्षेत्र में विकास
डीएफओ मयंक चांदीवाल ने जानकारी दी कि तीन वर्षों में किसानों ने 1.92 लाख पौधे निजी भूमि पर रोपे हैं,
जिन पर 93.86 लाख रुपए अनुदान मिला। इस वर्ष 17 लाख पौधों का रोपण किया गया है।
विद्युत विभाग ने बताया कि कृषि कार्य हेतु जिले में 53 फीडरों पर 10 घंटे बिजली प्रदाय किया जा रहा है।
जल संसाधन विभाग ने बताया कि जिले में **2 मध्यम सिंचाई योजनाएं और 57 लघु सिंचाई परियोजनाएं निर्मित हैं, जबकि 259 करोड़ रुपए की 5 बड़ी परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, जिनसे 8650 हेक्टेयर में सिंचाई होगी।
सौर ऊर्जा पर जोर
सभापति श्री परिहार ने निर्देश दिए कि सौर ऊर्जा उत्पादन और कुसुम योजना का लाभ किसानों तक तेजी से पहुंचे।
(कलेक्टर का आश्वासन)
बैठक के अंत में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने कहा कि समिति की बैठक में दिए गए सभी सुझाव और निर्देशों पर गंभीरता से अमल किया जाएगा और जिले में कृषि विकास तथा किसान कल्याण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।




