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सरकार की लापरवाही से किसानों की दुर्दशा पर आम आदमी पार्टी का हमला, कहा – कर्ज के बोझ तले दबे अन्नदाता

तहसील भरतपुर जिला मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़

सरकार की लापरवाही से किसानों की दुर्दशा पर आम आदमी पार्टी का हमला, कहा – कर्ज के बोझ तले दबे अन्नदाता

(पढिए जिला एमसीबी ब्यूरो चीफ मनमोहन सांधे की खास खबर)

सरकार की लापरवाही से बेहाल आम आदमी पार्टी, जिला एमसीबी, छत्तीसगढ़

दिनांक : 23 अगस्त 2025

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर।
जिले में यूरिया और डीएपी खाद की भारी कमी और महंगे दामों पर मजबूरी में किसानों द्वारा खाद खरीदे जाने के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया है।

किसानों की चिंता बढ़ी, सरकार बेपरवाह – रमाशंकर मिश्रा

जिला अध्यक्ष रमाशंकर मिश्रा ने कहा कि इस खरीफ सीजन में किसानों ने धान और अन्य फसलों की बुवाई के लिए करोड़ों रुपए का कर्ज लिया है। लेकिन जब उनकी फसल को खाद और यूरिया की सबसे ज्यादा आवश्यकता है,

तब सहकारी समितियों में खाद की उपलब्धता लगभग समाप्त हो गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि विभाग ने इस वर्ष समय रहते खाद और यूरिया की आपूर्ति की कोई ठोस योजना नहीं बनाई, जिसके चलते किसान गंभीर संकट में हैं।

आत्महत्या की कगार पर किसान

मिश्रा ने कहा कि कई जगहों पर किसान खाद की कमी से इतना परेशान हो गए कि उन्होंने आत्महत्या की कोशिश तक की है। लेकिन सरकार के मंत्री और अधिकारी किसानों की समस्याओं से बेखबर केवल कार्यक्रमों और प्रचार-प्रसार में व्यस्त हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि बैनर-होर्डिंग वाली इस सरकार को किसान आने वाले चुनाव में कड़ा सबक सिखाएंगे।

निजी दुकानों पर कालाबाजारी

स्थानीय किसानों का आरोप है कि सहकारी समितियों में यूरिया और डीएपी का स्टॉक नहीं होने से उन्हें निजी दुकानों पर ऊंचे दामों में खाद खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।

* 266 रुपए वाली यूरिया 1000 रुपए में बिक रही है।
* 1350 रुपए वाली डीएपी 2000 रुपए प्रति बोरी तक किसानों को खरीदनी पड़ रही है।

यह स्थिति किसानों को दोहरी मार दे रही है—एक ओर कर्ज का बोझ, दूसरी ओर खाद की आसमान छूती कीमतें।

फसलों पर मंडरा रहा खतरा

खेती विशेषज्ञों का कहना है कि बुवाई और रोपाई के बाद पौधों को बढ़ाने के लिए समय पर खाद देना बेहद जरूरी होता है। खाद की कमी से

* पौधों का विकास रुक रहा है,
* उत्पादन प्रभावित हो रहा है,
* धान के साथ-साथ दलहन और तिलहन की फसलें भी संकट में हैं।

बरसात और मौसम अनुकूल होने के बावजूद किसानों की मेहनत खाद की अनुपलब्धता के कारण बेकार जा रही है।

सरकार की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ना खतरनाक – आप

आम आदमी पार्टी का कहना है कि छत्तीसगढ़ की कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था में यदि किसानों को समय पर खाद नहीं मिला और वे कर्ज तथा महंगे दामों की मार झेलते हुए गलत कदम उठाने को मजबूर होते हैं, तो इसका जिम्मेदार केवल प्रदेश सरकार होगी।

(आंदोलन की चेतावनी)

जिला इकाई ने साफ कहा है कि यदि सरकार ने तुरंत स्थिति पर नियंत्रण नहीं किया और किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आम आदमी पार्टी किसानों के साथ मिलकर सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।

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