जनकपुर में अवैध वसूली एवं राजनीतिक दबाव का संगीन खेल
तहसील जनकपुर जिला मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़

जनकपुर में अवैध वसूली एवं राजनीतिक दबाव का संगीन खेल
(पढिए जिला एमसीबी ब्यूरो चीफ मनमोहन सांधे की खास खबर)
छत्तीसगढ़ राज्य जिला एमसीबी के अंतर्गत पंचायत सदस्य सुखमंती सिंह की शिकायत ने खोली राजनीतिक साजिश की परतें
क्या वाकई वसूली का खेल या राजनीतिक बदले की पटकथा?
मनेन्द्रगढ़, छत्तीसगढ़ | संवाददाता विशेष
जनकपुर क्षेत्र एक बार फिर विवादों के घेरे में है। मनेन्द्रगढ़ जिला पंचायत सदस्य सुखमंती सिंह ने स्थानीय सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज करवाई है,
जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि जनकपुर क्षेत्र में सक्रिय विशेष सोनी नामक व्यक्ति उनके नाम का दुरुपयोग करते हुए अवैध वसूली कर रहा है।
लेकिन मामला यहीं नहीं थमता। सूत्रों के अनुसार सुखमंती सिंह स्वयं भी लंबे समय से जनकपुर क्षेत्र में ग्राम पंचायत से लेकर जिला प्रशासन तक अपने प्रभाव का उपयोग कर वसूली के मामलों में संलिप्त रही हैं। यह आरोप क्षेत्र में खुले आम चर्चा का विषय बना हुआ है।
राजनीतिक रसूख या बदले की कार्रवाई?
स्थानीय जनता और प्रशासनिक हलकों में ये सवाल उठ रहा है कि क्या यह मामला एक योजनाबद्ध राजनीतिक बदले की कार्रवाई है? बताया जा रहा है कि सुखमंती सिंह द्वारा शिकायत दर्ज करवाने के पीछे मकसद एक साधारण पार्टी कार्यकर्ता को वसूली के मामले में फंसाकर उसे दबाने और बदनाम करने की साज़िश हो सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकरण को सत्तारूढ़ दल के भीतर चल रही गुटबाजी और शक्ति प्रदर्शन से भी जोड़कर देखा जा रहा है। यदि ऐसा है, तो यह न केवल जनप्रतिनिधियों की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि जनता के विश्वास को भी तोड़ता है।
क्या प्रशासन करेगा निष्पक्ष जांच?
अब सबकी निगाहें प्रशासन की कार्यवाही पर टिकी हैं।
क्या पुलिस और प्रशासन निष्पक्ष जांच कर सच्चाई को सामने लाएंगे या फिर राजनीतिक दबाव और रसूख के आगे घुटने टेक देंगे?
यह केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे लोकतांत्रिक व्यवस्था की साख का सवाल है।
आखिर कब तक चलेगा राजनीति के नाम पर वसूली और प्रताड़ना का खेल?
जनता यह जानना चाहती है कि लोकतंत्र में चुने गए प्रतिनिधि जनसेवा करेंगे या निजी स्वार्थ और साजिशों में लिप्त रहेंगे?
क्या हर बार विरोध की आवाज को दबाया जाएगा और हर आरोप को बदले की कार्यवाही कहकर टाल दिया जाएगा?
जनता अब चुप नहीं रहेगी… जवाब मांगेगी और जवाबदेही तय करेगी।




