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जिला सतर्कता एवं मॉनीटरिंग समिति की बैठक में 295 प्रकरणों में अत्याचार पीड़ितों को 2 करोड 96 लाख रूपये की सहायता की गई स्वीकृत

सतना जिला मध्य प्रदेश

जिला सतर्कता एवं मॉनीटरिंग समिति की बैठक में 295 प्रकरणों में अत्याचार पीड़ितों को 2 करोड 96 लाख रूपये की सहायता की गई स्वीकृत

(पढिए राजधानी एक्सप्रेस न्यूज़ हलचल आज की सच्ची खबरें)

मध्य प्रदेश जिला सतना 27 मार्च 2025/अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 (अप्रैल 2024 से मार्च 2025) में 295 प्रकरणों में अब तक 2 करोड 96 लाख रूपये की सहायता स्वीकृत की गई है।

इस आशय की जानकारी नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती Pratima Bagri की उपस्थिति में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी

सतना डॉ. सतीश कुमार एस की अध्यक्षता में गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में संपन्न जिला सतर्कता एवं मॉनीटरिंग समिति की बैठक में दी गई।

इस मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवेश सिंह बघेल, जिला संयोजक आदिम जाति कमलेश्वर सिंह, जिला लोक अभियोजक ज्योति जैन, एएसआई अजाक थाना रावेन्द्र कुमार, एडीपीओ श्रीकेश यादव, समिति के सदस्य रामकलेश साकेत, कमल वाल्मीक, मुरानी सोनी, लव सिंह, बृजेश कुमार अहिरवार उपस्थित थे।

जिला सतर्कता एवं मॉनीटरिंग समिति की बैठक में बताया गया कि अपै्रल 2024 से मार्च 2025 तक जिले में अत्याचार पीड़ितों के 295 प्रकरणों में अब तक 2 करोड 96 लाख रूपये की आर्थिक सहायता हितग्राहियों को स्वीकृत की गई है।

जिसमें अनुसूचित जाति के 227 मामलो में 2 करोड 44 लाख रूपये और अनुसूचित जनजाति के 68 मामलों में 71 लाख रूपये की राशि योजना के प्रावधान के तहत स्वीकृत की गई है।

बैठक में बताया गया कि अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के अंतर्गत जनवरी 2025 से मार्च 2025 की स्थिति में अनुसूचित जाति वर्ग के 41 एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की 10 शिकायतें प्राप्त हुई है।

जिसमें अनुसूचित जनजाति वर्ग के 5 मामले और अनुसूचित जाति के 35 मामले लंबित है।

कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रकरणों के डिस्पोजल में अधिक प्रयास करने की जरुरत है। प्रकरणों का निराकरण तीव्र गति एवं व्यक्तिगत रुचि लेकर निराकरण करने का प्रयास करें।

जिला कलेक्टर ने कहा कि अत्याचार निवारण अधिनियम के स्वीकृत प्रकरणों में लंबित भुगतान के लिए बजट आवंटन हेतु शासन को प्रस्ताव भेजें।

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