जिला शिक्षा समिति द्वारा आयोजित हुआ वृहद शिक्षक सम्मान का कार्यक्रम आयोजित
सतना जिला मध्य प्रदेश

जिला शिक्षा समिति द्वारा आयोजित हुआ वृहद शिक्षक सम्मान का कार्यक्रम आयोजित
(पढिए राजधानी एक्सप्रेस न्यूज़ हलचल आज की सच्ची खबरें)
शिक्षक वास्तव में ज्ञान के सागर होते हैं-जिला पंचायत अध्यक्ष
शिक्षक की महत्ता युगों-युगों तक कायम रहेगी-कलेक्टर
जिला शिक्षा समिति द्वारा आयोजित हुआ वृहद शिक्षक सम्मान का कार्यक्रम
विगत वर्ष में सतना और मैहर जिले के सेवा निवृत्त 230 शिक्षकों का किया गया सम्मान

मध्य प्रदेश जिला सतना में 5 सितंबर 2024/शिक्षक दिवस के अवसर पर जिला पंचायत सतना की उपाध्यक्ष और स्थाई शिक्षा समिति की पदेन अध्यक्ष श्रीमती सुष्मिता डॉ पंकज सिंह परिहार द्वारा शिक्षकों के सम्मान में आयोजित किये जा रहे एक और नवाचार के माध्यम से सतना और मैहर जिले के विगत एक वर्ष में 230 सेवानिवृत हुए
शिक्षकों का गरिमामय सम्मान का कार्यक्रम जिला पंचायत के सभाकक्ष में संपन्न हुआ। शिक्षक सम्मान के इस वृहद कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रामखेलावन कोल, महापौर श्री योगेश ताम्रकार, सतना जिले के कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा, शिक्षा समिति के सदस्य भी उपस्थित रहे।

उपस्थित शिक्षकों को सम्मानित करते हुए अपने जमाने में शिक्षक रहे और वर्तमान में जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री रामखेलावन कोल ने जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती सुष्मिता सिंह परिहार द्वारा किए गए
इस शिक्षक सम्मान समारोह के कार्यक्रम को सराहनीय बताते हुए कहा कि शिक्षक वास्तव में ज्ञान के सागर होते हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर पहुंचने के लिए मुझे स्वयं शिक्षकों से प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि सेवा निवृत्त हो चुके शिक्षक अपने आप को सेवा से पृथक नहीं मानते हुए समाज को दिशा देने का कार्य करते रहे।
महापौर योगेश ताम्रकार ने अपने उद्बोधन में शिक्षक की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक ही ऐसी कृति है जो युगों-युगों तक याद की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक शासकीय सेवा से निवृत्त हो सकते हैं
लेकिन अपने पढाये हुए छात्रों के मन से कभी विलग नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि लाखों व्यक्तियों के मनो-मस्तिष्क में श्रेष्ठ शिक्षक का ध्यान हमेशा रहता है।
जिला कलेक्टर अनुराग वर्मा ने जिला पंचायत की उपाध्यक्ष सुष्मिता सिंह परिहार द्वारा पिछले दो वर्षों से किये जा रहे लगातार नवाचारों के माध्यम से सतना जिले के स्कूली शिक्षा के स्तर मे सुधार हेतु प्रयास की सराहना करते हुए शिक्षक को ईश्वर द्वारा इस धरती को प्रदान की गई अनुपम कृति बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस का अपने आप में विशेष महत्व है।
शिक्षकों की प्रतिभा और मार्गदर्शन के अनुसार ही छात्रों का भविष्य बनता है। विद्यार्थी जितना विश्वास अपने शिक्षक पर करता है उतना वह अपने अभिभावकों पर भी नहीं करता। कलेक्टर ने कहा कि शिक्षक गलत और सही के पहचान की क्षमता विकसित करते हैं। उन्होंने सेवा निवृत्त शिक्षकों से कहा कि अपने सर्वोत्तम ज्ञान और अनुभव का लाभ समाज को भी देते रहे।
अपने स्वागत भाषण में कार्यक्रम की आयोजक और जिला पंचायत सतना कि उपाध्यक्ष श्रीमती सुष्मिता डॉ पंकज सिंह परिहार ने उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए उनका हृदय से स्वागत किया और भविष्य में भी इसी तरह के नवाचारों के माध्यम से सतना और मैहर जिले की स्कूली शिक्षा के उन्नयन के लिए लगातार प्रयास करने की बात कही।
इसके पूर्व कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों द्वारा भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन और मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन तथा माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

शिक्षक सम्मान प्राप्त करने वाले सभी शिक्षक, शिक्षिकाओं ने स्थाई शिक्षा समिति की सभापति श्रीमती सुष्मिता सिंह परिहार को हृदय से साधुवाद दिया और कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताया। कार्यक्रम के दौरान 1 सितंबर 2023 से 31 दिसंबर 2024 तक सतना और मैहर जिले के सेवा निवृत्त हो चुके 230 शिक्षकों को शाल-श्रीफल, उपहार भेंट से सम्मानित किया गया।
इनमें अमरपाटन विकासखण्ड के 31, मैहर के 29, सोहावल के 53, उचेहरा के 20, नागौद के 23, रामपुर बघेलान के 29, रामनगर के 12 और विकासखण्ड मझगवां के 33 सेवा निवृत्त शिक्षकों का सम्मान किया गया।
इस मौके पर सतना और मैहर जिले के सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी और बीआरसीसी को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षा समिति के सहयोजित सदस्य डॉ. पंकज सिंह परिहार ने किया।
इस गरिमामय कार्यक्रम में जिला पंचायत के सभापति ज्ञानेंद्र सिंह रमाकांत पयासी, तारा विजय पटेल, जिला पंचायत सदस्य प्रियंका वर्मा, बाबूलाल प्रजापति, जिला शिक्षा अधिकारी नीरव दीक्षित, सहायक संचालक गिरीश अग्निहोत्री, जिला समन्वयक विष्णु त्रिपाठी, पीआरओ राजेश सिंह सभी विकासखंडो के विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक और सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।




