भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इनविट मोड के माध्यम से 15,624.9 करोड़ रुपये का अब तक उच्चतम मुद्रीकरण मूल्य जुटाया
भारत सरकार नई दिल्ली

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इनविट मोड के माध्यम से 15,624.9 करोड़ रुपये का अब तक उच्चतम मुद्रीकरण मूल्य जुटाया
(पढिए राजधानी एक्सप्रेस न्यूज़ हलचल आज की सच्ची खबरें)
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इनविट मोड के माध्यम से 15,624.9 करोड़ रुपये का अब तक का उच्चतम मुद्रीकरण मूल्य जुटाया
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का कुल संपत्ति मुद्रीकरण कार्यक्रम अब तक 1 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति को पार कर चुका है
प्रविष्टि तिथि: 08 FEB 2024
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने ‘इनविट राउंड-3’ के माध्यम से अब तक की सबसे अधिक अनुदान राशि 15,624.90 करोड़ रुपये इकट्ठा किये हैं। इसे लगभग 890 किलोमीटर की कुल लंबाई वाले 10 हिस्सों का मुद्रीकरण करके हासिल किया गया है।
इसके लिए बोली खुलने के दो घंटे के भीतर स्वीकृति पत्र (एलओए) जारी कर दिये गए।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण मुद्रीकरण के लिए तीन तरीके अपना रहा है, यानी टोल ऑपरेट ट्रांसफर (टीओटी), इनविट और सिक्योरिटीजेशन।
इस वित्तीय वर्ष के दौरान, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण पहले ही चार टीओटी बंडल प्रदान कर चुका है और 15,968 करोड़ रुपये का मुद्रीकरण कर चुका है।
वित्त वर्ष 2014 के दौरान टीओटी मोड में सफलता की दर 100% थी और वित्तीय बोली खुलने के एक दिन के भीतर स्वीकृति पत्र जारी कर दिये गए थे।
इससे पहले, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने टीओटी मोड के तहत 6 दौर (1614 किलोमीटर) का सफलतापूर्वक मुद्रीकरण किया है।
इनसे 26,366 करोड़ रुपये और इनविट (635 किलोमीटर) के दो राउंड का राजस्व प्राप्त किया गया है।
इसके अलावा, प्रतिभूतिकरण के माध्यम से अब तक लगभग 37,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं और इसमें वित्त वर्ष 2024 के अंत तक लगभग 5,000 करोड़ रुपये जुटाने की संभावना है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का कुल संपत्ति मुद्रीकरण कार्यक्रम 1 लाख करोड़ रुपये (टीओटी के माध्यम से 42,334 करोड़ रुपये, इनविट के जरिए 26,125 करोड़ रुपये तथा प्रतिभूतिकरण के माध्यम से 42,000 करोड़ रुपये) को पार कर गया है।
राष्ट्रीय मुद्रीकरण योजना के तहत भारत सरकार के दृष्टिकोण के साथ-साथ भारत सरकार की बजटीय घोषणाओं की पूर्ति के अनुरूप है।




