जिला स्तरीय बालश्रम निषेध अधिनियम और पेंसिल पोर्टल का प्रचार-प्रसार किया जाये
सतना जिला मध्य प्रदेश

जिला स्तरीय बालश्रम निषेध अधिनियम और पेंसिल पोर्टल का प्रचार-प्रसार किया जाये
(पढिए जिला सतना क्राइम ब्यूरो चीफ रोहित त्रिपाठी की रिपोर्ट)
मध्य प्रदेश जिला सतना में 19 दिसंबर 2023/बाल एवं कुमार श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के अंतर्गत गठित जिला टास्क फोर्स की मंगलवार को अपर जिला दंडाधिकारी एवं अपर कलेक्टर श्री ऋषि पवार की अध्यक्षता में संपन्न बैठक में जिले में बालश्रम उन्मूलन की दिशा में वातावरण निर्माण के लिए बालश्रम निषेध अधिनियम और पेंसिल पोर्टल का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किए जाने का निर्णय लिया गया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री शिवेश सिंह बघेल, जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री सौरभ सिंह, जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष श्रीमती राधा मिश्रा, सहायक संचालक श्री श्याम किशोर द्विवेदी, बाल संरक्षण अधिकारी श्री अमर सिंह, श्रम अधिकारी श्री नरेश पटेल, श्री हेमंत डेनियल, आईटीआई के प्राचार्य श्री बीडी तिवारी भी उपस्थित रहे।
जिला कार्यबल की बैठक में टास्क फोर्स में शामिल विभागीय सदस्यों के कर्तव्यों की जानकारी के साथ ही टास्क फोर्स के नियमित और प्रभावी कार्य हेतु कार्य योजना पर चर्चा की गई। तय किया गया

जिला कार्य बल की बैठक प्रतिमाह नियमित रूप से होगी और प्रचार-प्रसार के साधनों से बालश्रम उन्मूलन के अधिनियम और बालश्रम संबंधी शिकायतों को दर्ज करने संबंधी पेंसिल पोर्टल की सुविधा और प्रक्रिया का प्रचार प्रसार किया जाएगा।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवेश सिंह ने बताया कि जिले के सभी पुलिस थानों में किशोर विशेष पुलिस की इकाई गठित है।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी सौरभ सिंह ने बताया कि सार्वजनिक स्थलों, चौराहों, धार्मिक स्थलों पर भिक्षावृत्ति संबंधी संलग्न बच्चों का सर्वे कराया गया है।
जिनमें सतना नगर निगम क्षेत्र में लगभग 53 बच्चों का चिन्हांकन किया गया। इनमें से 20 बच्चों को स्कूल में दाखिला करवाकर शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा गया है। 5 बच्चों को निजी स्पांशरशिप योजना का लाभ देकर भरण-पोषण सुनिश्चित किया गया है।
श्रम विभाग के अधिकारी ने बताया कि बस स्टैंड नागौद में बंटी स्वीट्स में कार्यरत एक बाल श्रमिक को मुक्त कराया गया और नियोजक के विरुद्ध थाने में प्राथमिक की भी दर्ज कराई गई है। इसी प्रकार किंग रेस्टोरेंट बेला रामपुर बाघेलान में कार्यरत एक किशोर श्रमिक को मुक्त कराया गया।
नियोजक के विरुद्ध मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष अभियोजन दायर किया गया है। बैठक में बताया गया कि बालश्रम संबंधित शिकायतों पर सामान्य जनता भी पेंसिल पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
शिकायत दर्ज होने पर 48 घंटे के भीतर निराकरण की कार्यवाही की जाती है।




