जिला में (पिता-पुत्र) के अवैध कालोनी (काटने) पर जल्द हो सकती है (एफ.आई.आर) ऐसा कहता है नगर परिषद का पत्र
कटनी जिला मध्य प्रदेश

जिला में (पिता-पुत्र) के अवैध कालोनी (काटने) पर जल्द हो सकती है (एफ.आई.आर) ऐसा कहता है नगर परिषद का पत्र
(पढिए जिला कटनी ब्यूरो चीफ ज्योति तिवारी की खास खबर)
क्रमांक 726 दिनांक
12अगस्त 23
मध्य प्रदेश के अंतर्गत कटनी। जिले में अवैध कालोनाइजरों का मकड़जाल फैला है जिसमे नपाध्यक्ष और नायब तहसीलदार,दोनों शामिल हैं जबकि नपाध्क्ष पर पूर्व में भी अवैध कालोनाइजर का मुकदमा दर्ज हो चुका है
अब दूसरी बार प्रकरण दर्ज होने के प्रबल संकेत जबकि प्रशासनिक कार्यवाही को प्रभावित करने के लिए नपाध्यक्ष और सीएमओ के बीच ठन गई और अवैध कालोनाइजर की सूची में नपाध्यक्ष और नायब तहसीलदार पुत्र का नाम होने के कारण अध्यक्ष आग बबूला हो गया
1t1dw,और आनन फानन में सीएमओ से पत्र लिखाकरशिकायत वापस करा लिया जबकि कलेक्टर के आदेश पर सीएमओ ने बरही थाने एफआई आर के लिए आवेदन पत्र भेजा था। विदित रहे कि पुत्रमोह में फंसा नपाध्यक्ष और नगरपरिषद बरही अंतर्गत 23 अवैध कालोनाइजरों के विरुद्ध एफआईआर के लिए थाने भेजी गई सूची को वापस बुलाकर अलमारी में किया बंद करना किसी हिटलरशाही से कम नहीं है
कलेक्टर द्वारा जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में वर्ष 2016से 2023 तक की अवैध कालोनी चिन्हित कर स्थानीय प्रशासन द्वारा एफआई आर दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं, जिसके पालन में बरही नगर परिषद के सीएमओ ने बरही के 23 अवैध कालोनाइजरों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के लिए अगस्त माह में आवेदन के साथ सूची भेजा था।
✍️ कालोनाइजर सूची में अध्यक्ष के नायब तहसीलदार पुत्र का नाम होने के कारण हुआ विवाद,थाने से वापस लिया शिकायत एवं सूची..?
कटनी। एक ऐसा पिता जो अंतिम पड़ाव में भी लालच के वशीभूत होकर अपने स्वार्थपूर्ति के लिए अपने सरकारी अधिकारी बेटे की नौकरी को ही दाव में लगा दे और मुल्ज़िम बनाने में पीछे न रहे या यूँ कहें लालच में सब जायज है
जबकि ग्रन्थ गवाह है पुत्र विछोह में राजा दशरथ को प्राण त्यागना पड़ा था वहीं नपाध्यक्ष को अपनी कुर्सी और बेटे की सरकारी नौकरी चले जाने का भय सता रहा है, सूत्र बताते हैं कि 2022 में पुत्र और भतीजे मोह के चलते नपाध्यक्ष को जूतम पैजार के साथ जिल्ल्त भरा अपमान सहना पड़ा था,
” रस्सी जल गई लेकिन अकड़ नहीं गई.” फिर भी आखिर कबतक भ्रष्टाचारी बचेंगे..? बरही नगर पंचायत अध्यक्ष पीयूष अग्रवाल सहित अन्य 05 अवैध कालोनाइजरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज है।
✍️ अब इन 23अवैध कालोनाइजरों के विरुद्ध एफआईआर
बता दें कि
प्रभुदत्त तिवारी,हरिहर प्रसाद पटेल, संदीप अग्रवाल, पीयूष अग्रवाल, रामावतार तिवारी, लक्ष्मी बर्मन, सदन गुप्ता के विरुद्ध प्रकरण दर्ज हो चुका है।
अब कृष्णकुमार पाटकर, बलराम गुप्ता, गंगा अग्रवाल, राम नरेश गुप्ता, काशी प्रसाद गुप्ता, दमड़ी साहू, हीरालाल तिवारी, सुषमा ताम्रकार, सौरभ, गौरव, सुष्मिता ताम्रकार, गिरीश बड़गैया, रामजी सोनी, विद्या पवार, शिवशंकर मिश्रा, बलराम गुप्ता, कर्तव्य अग्रवाल, अर्जुन तिवारी, पीयूष अग्रवाल, जितेंद्र राय, राजेंद्र गुप्ता, के आर दुबे, उर्मिला तिवारी, राजकुमार प्यासी, रामावतार तिवारी के नाम पर एफ आई आर दर्ज होना है..?
जबकि गुलाम भाई के बाड़े ख.न.180/4 को बरही के दलाल ने पावर व मुख्तियार खास कराकर विक्रय कराया है वहीं ककरहाई तलैया के पीछे त्रिवेणी अग्रवाल की प्लाटिंग सहित कई भूमियों के लेनदेन में बतौर गवाह है।
कलेक्टर की कार्यवाही की तलवार लटक रही है बता दें कि माह अगस्त 2023 में नगर के अवैध कालोनाइजरों
के विरुद्ध मुख्य नगर परिषद बरही जिला कटनी द्वारा एफआईआर करने का प्रतिवेदन मय सूची बरही थाने भेजे जाने से सियासी गालियारे में खलबली मच गई थी, नपाध्यक्ष के यह हालात थे कि ” अंगुली काटो तो खून नहीं ” किन्तु भनक लग गई कि सूची में नपाध्यक्ष के नायब तहसीलदार पुत्र का नाम है इस कारण सीएमओ और नपाध्यक्ष के बीच परिषद में ख़ूब ठन गई और आग बबूला होते हुए अध्यक्ष ने दबाव बनाते हुए सीएमओ से शिकायत पत्र वापस मंगा लिया है।अब पूरी फाइल नपाध्यक्ष ने अपने कब्जे में रख लिया है।देखना यह है कि कलेक्टर क्या संज्ञान लेंगे
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