*जिला कलेक्टर नगर निगम की बैठक में कहां बकाया एवं चालू वर्ष की मांग का 80 प्रतिशत करें वसूली*
सतना जिला मध्यप्रदेश

*जिला कलेक्टर नगर निगम की बैठक में कहां बकाया एवं चालू वर्ष की मांग का 80 प्रतिशत करें वसूली*
( पढ़िए जिला सतना ब्यूरो चीफ राजेश लोनी की रिपोर्ट )
मध्य प्रदेश जिला सतना में 08 सितंबर 2022 को जिला कलेक्टर श्री अनुराग वर्मा ने गुरुवार को नगर निगम के अधिकारियों की बैठक लेकर नगर विकास और जन सुविधाओं के कार्यों, नगरीश् प्रशासन की विकास योजनाओं एवं जनकल्याण कारी योजनाओं की समीक्षा की। इस मौके पर आयुक्त नगर निगम राजेश शाही सहित नगर निगम के अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री एवं विभिन्न शाखाओं के प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर श्री वर्मा ने प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना, एएलसी और बीएलसी घटक के आवास, दुकानों का किराया संग्रहण, स्वच्छ भारत मिशन, पेयजल के कार्यों, मुख्यमंत्री अधोसंरचना के निर्माण कार्य, अमृत मिशन, सीवरेज सिस्टम, पीएम स्वनिधि, शहरी आजीविका मिशन एवं संपत्ति कर तथा अन्य करों की वसूली की स्थिति की समीक्षा की।
नगर निगम के संपत्ति कर एवं अन्य कर राजस्व वसूली में कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि नगर निगम की बकाया और चालू वर्ष के संपत्ति कर एवं अन्य करों की मांग 48 करोड़ के विरुद्ध अब तक 10 प्रतिशत अर्थात 5 करोड़ 10 लाख रुपए की वसूली की गई है। उन्होंने कहा कि इसी निधि से नगर निगम अपने निर्णय से आवश्यकतानुसार कोई भी नगर के विकास कार्य करा सकती है। कलेक्टर ने नगर निगम के अधिकारियों को कुल मांग 48 करोड़ के विरुद्ध 80 प्रतिशत अर्थात 40 करोड़ रुपये के संपत्ति कर एवं अन्य करों की वसूली का टारगेट दिया है।
आयुक्त नगर निगम ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास एएचपी घटक में 2446 स्वीकृत हितग्राहियों के लिए 2507 पंजीयन हुए हैं। इनमें 1028 आवास पूर्ण कर 1337 हितग्राहियों का आवंटन भी हो गया है। 618 हितग्राहियों को आवास का आधिपत्य सौंपा जा चुका है। बीएलसी घटक में 3762 हितग्राहियों को आवास स्वीकृत हुए हैं। जिनमें 3097 आवास पूर्ण कर लिए गए हैं।
पेयजल योजना में 31 हजार 902 घरेलू कनेक्शन है। पुरानी 12 पानी की टंकियां ऑपरेशनल हैं। डीएमएफ से 2 पानी की टंकी संतोषी माता मंदिर और अशोक विहार में तथा निगम के मद से दो पानी की टंकी नजीराबाद और मारुति नगर में बन रही है। 1 अगस्त से 6 सितंबर तक 74 व्यक्तियों ने मकान के नक्शा स्वीकृति निर्माण की अनुमति के आवेदन दिए हैं। जिनमें 10 आवेदन एबीपीएएस में ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं। कलेक्टर ने कहा कि भवन निर्माण स्वीकृति के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया को प्रमोट करें।




