Breaking Newsअन्य राज्यआगराइंदौरइलाहाबादउज्जैनउत्तराखण्डगोरखपुरग्राम पंचायत बाबूपुरग्वालियरछत्तीसगढ़जबलपुरजम्मू कश्मीरझारखण्डझाँसीदेशनई दिल्लीपंजाबफिरोजाबादफैजाबादबिहारभोपालमथुरामध्यप्रदेशमहाराष्ट्रमेरठमैनपुरीराजस्थानराज्यरामपुररीवालखनऊविदिशासतनासागरहरियाणाहिमाचल प्रदेशहोम

*शासकीय जमीन पर फर्जी पट्टे बनाकर भूमि की विक्री करने के पांचो आरोपियों को हुई पांच साल की सजा एवं ₹5000 जुर्माना*

उमारिया जिला मध्य प्रदेश

*शासकीय जमीन पर फर्जी पट्टे बनाकर भूमि की विक्री करने के पांचो आरोपियों को हुई पांच साल की सजा एवं ₹5000 जुर्माना*

(पढ़िए जिला उमरिया क्राइम ब्यूरो चीफ किशन विश्वकर्मा की रिपोर्ट)

मध्य प्रदेश जिला उमरिया में 3 मई को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सनत कुमार कश्यप की न्यायालय से शासकीय भूमियों के फर्जी पट्टे बनवाकर भूमि विक्रय करने के आरोप में 18आरोपियों को पांच पांच साल का कारावास एवं 5000-5000/के अर्थ दण्ड से दण्डित करने का दण्डादेश दिये।
प्रकरण के संबंध में मिली जानकारी अनुसार तहसील मानपुर अंतर्गत डोंगरी टोला की शासकीय भूमि जंगल खसरा नंबर 437,479,481,482,496,499कुल रकवा 49-30 एकड़ को तत्कालीन पटवारी गोरेलाल चौधरी ने अपने कार्य काल में सरकारी दस्तावेजों में भूमि का रकवा बढ़ा कर 192-63एकड़ कर निजी व्यक्तियों के नाम षडयंत्र पूर्वक फ़र्जी पट्टे बनवाकर भूमि विक्रय कर विक्रेता को भी क्षति पहुंचाये हैं । वर्ष 2007 में विक्रेता की शिकायत पर कलेक्टर के आदेश पर तत्कालीन एसडीओ बी डी सिंह द्वारा राजस्व अभिलेखों की जांच कराने पर पाया कि उपरोक्त खसरा नंबरो की भूमि जो 1953-54 -1958-1959 के अभिलेखों में शासकीय भूमि जंगल दर्ज है किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के बिना निजी पट्टेदारों के नाम बटांकन के साथ 2004-2005के अभिलेखों में दर्ज हो कर विक्रय कर दी गई है। राजस्व अभिलेखों में षडयंत्र पूर्वक कूट रचना कर विक्रेता को क्षति पहुंचा कर लाभ प्राप्त किये हैं। जिसके संबंध में एसडीओ बी डी सिंह द्वारा थाना मानपुर में प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज करायी गई जिसे थाना मानपुर ने अपराध क्र 26/2010अपराध धारा 420,467,468,471, 34,भा द वि केअंतर्गत लेख बद्ध कर प्रकरण की विवेचना उप निरीक्षक आर डी महोविया द्वारा की गई प्रकरण से संबधितदस्तावेजी एवं मौखिक कथन लेखक कर 23आरोपियों के विरुद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण का विचारण माननीय सत्र न्यायालय के समक्ष अभियोजन साक्षियों का परीक्षण अपर लोक अभियोजक आनंद श्रीवास्तव द्वारा करा कर समुचित दस्तावेजों का परीक्षण न्यायालय के समक्ष करा कर मामले को साबित करने का पूरा प्रयास किये। प्रकरण के विचारण के दौरान तीनआरोपियों कि मृत्यु हो जाने से 20आरोपियो के आरोपों पर विचारण किया गया। तत्पश्चात न्यायालय आरोपी गण को बचाव का समुचित अवसर देने के बाद उभय पक्ष के तर्क श्रवण कर प्रकरण का सूक्ष्म परिशीलन में पाये कि आरोपी जमुना राय विक्रेता को धोखा दे कर भूमि विक्रय करने का अनुबंध कर चेक से राशि प्राप्त किया है जिसे चार वर्ष की कारावास एवं 1000/एवं 17आरोपियों को पांच पांच वर्ष का कारावास एवं पांच पांच हज़ार रुपये केअर्थ दण्ड से दण्डित किया गया।

Related Articles

Back to top button