*खुशखबरी अरूणेंद्र सिह ने बदला खेती का तरीका कृषक प्रोड्यूसर लिमिटेड कम्पनी के माध्यम से उपज की जाती है खरीदी*
उमारिया जिला मध्य प्रदेश

*खुशखबरी अरूणेंद्र सिह ने बदला खेती का तरीका कृषक प्रोड्यूसर लिमिटेड कम्पनी के माध्यम से उपज की जाती है खरीदी*
(पढ़िए जिला उमरिया से क्राइम ब्यूरो चीफ किशन विश्वकर्मा की रिपोर्ट)
जिला जनसंपर्क कार्यालय उमरिया
खुशियों की दास्तां
अरूणेंद्र सिह ने बदला खेती का तरीका
बांधवगढ़ कृषक प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड के माध्यम से उपज की खरीदी की जाती है
उमरिया – जिले के करकेली जनपद पंचायत का ग्राम देवरी की जिला मुख्यालय उमरिया से दूरी 48 कि.मी. है। ग्राम देवरी 653 परिवारों की बस्ती है, जिसमें अनुसूचित जाति 64,अनुसूचित जन जाति 281 एवं अन्य पिछडा वर्ग तथा सामान्य वर्ग के 328 परिवार निवासरत है ।
ग्राम के लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि है जो वर्षा आधारित है। जिसमें मुख्य रूप से खरीफ सीजन में धान, मक्का, अरहर एवं रबी सीजन में चना, गेंहू, मसूर, मटर और अलसी की खेती करते है, साथ ही जिनके पास सिंचाई का साधन है उन किसानों द्वारा सब्जी की खेती की जाती है, परन्तु इस पूरे कृषि कार्य में किसी भी प्रकार की तकनीक को नहीं अपनाया जाता है जिससे कृषि कार्य में लागत ज्यादा, उपज कम और उत्पादन कम प्राप्त होता है।
एक्सन फार सोशल एडवांसमेंट (आसा) स्वयं सेवी संस्था द्वारा अप्रैल 2014 में लघु कृषक कृषि व्यापार संघ परियोजना, भारत सरकार (कृषि मंत्रालय) एवं कृषि कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मध्यप्रदेश शासन के सहयोग से संचालित परियोजना अंतर्गत उमरिया जिले के विकास खंड करकेली के नौरोजाबाद कलस्टर में 12 ग्रामों का चयन किया गया और परियोजना का क्रियान्वयन किया गया, जिसमें देवरी ग्राम भी शामिल है।
5 मई 2014 को संस्था के परियोजना संचालन दल द्वारा ग्राम बैठक एवं टोला बैठक कर 13 महिलाओं का मां शारदा स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया । सेंट्रल बैंक आफ इंडिया शाखा पिनौरा में बचत खाता खोला गया । समूह के सभी सदस्य 500-500 रूपये देकर बांधवगढ़ कृषक प्रोडयूसर कम्पनी लि. की सदस्यता ग्रहण की है, और कम्पनी के खरीदी बिक्री केंद्र महुरा से कृषि आदान सामग्री उचित दर में खरीदी कर रहे है।
दुर्गा बाई समूह की सदस्य है। स्वयं सेवी संस्था के मार्गदर्शन में 2019 में 1010 प्रजाति की धान का श्री विधि से धान की रोपाई की गई। रोपाई के 15-15 दिन के अंतराल में तीन बार कोनोविडर चलाया गया, जिससे एक पौधे में 50 से 70 तक कल्ले निकले उत्पादन में बहुत अंतर आया और 18 क्वि. प्रति एकड़ औसतन धान का उत्पादन प्राप्त हुआ।
इस दौरान दुर्गा बाई के पति अरूणेंन्द्र सिंह को एक्सपोजर विजिट कराया गया। रबी सीजन 2019 में सरसों की तकनीक कृषि को अपनाया गया । सरसों की तकनीक हेतु 25 डिस्मिल के लिये क्यारी बनाकर वसुंधरा प्रजाति के सरसो का रोपा डाला गया ।
खेती में तकनीक का पूरा ध्यान रखते हुये सिंचाई का उचित प्रबंधन खाद का संतुलित मात्रा में उपयोग, निदाई गुड़ाई, बीमारी की रोकथाम एवं नियंत्रण आदि पर विशेष ध्यान दिया गया। अंत में 8 क्वि. प्रति एकड उपज प्राप्त हुआ। इस कार्य से दुर्गा बाई को 1.5 लाख रूपये की आय प्राप्त हुई। दुर्गा बाई ने बताया कि अब हमारे क्षेत्र में संस्था के सहयोग से बांधवगढ़ कृषक प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड का पंजीयन होकर महुरा में खरीदी बिकी केंद्र संचालित है ,जिसमे हुकुम सिंह कृषि आदान सामग्री उचित दर पर खरीदी कर रहे हैं ।
प्रस्तुतकर्ता
गजेंद्र द्विवेदी




