*लैंगिग दुर्व्यवहार एवं मध्यस्थता जागरूकता के संबंध आयोजित हुआ शिविर*
शहडोल जिला मध्य प्रदेश

लैंगिग दुर्व्यवहार एवं मध्यस्थता जागरूकता के संबंध आयोजित हुआ शिविर
रिपोर्टर :- संभागीय ब्यूरो चीफ चंद्रभान सिंह राठौर
शहडोल/20 अक्टूबर 2021/
“आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शहडोल द्वारा ’नालसा की नशा मुक्ति, कन्या भ्रूण हत्या उन्नमूलन, घरेलू हिंसा,विवाद विहीन ग्राम योजना, किशोर शिक्षा एवं लैंगिग दुर्व्यवहार एवं मध्यस्थता जागरूकता के संबंध में प्रधान एवं जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष व्ही.पी. सिंह के मार्गदर्शन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में विधिक जागरूकता शिविर नालसा की बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं और उनके संरक्षण के लिए विधिक सेवाएं योजना 2015 के संबंध में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन दिन बुधवार को शहडोल के आदिवासी छात्रावास में आयोजित किया गया।
शिविर में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनूप कुमार त्रिपाठी द्वारा योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि बच्चों को मूलभूत अधिकार प्राप्त हैं, जिनमें जीने का अधिकार, विकास का अधिकार, संरक्षण का अधिकार और समाज में भागीदारी का अधिकार शामिल हैं। उन्हें संविधान में निहित देश के अन्य नागरिकों की तरह अधिकार प्राप्त हैं और संविधान के अनुच्छेद 22 के तहत विधि व्यवसाय की सहायता प्राप्त करने का अधिकार है।
साथ ही बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम 1986, किशोर न्याय बालकों की देखरेख व संरक्षण अधिनियम 2015, बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 एवं पोक्सो अधिनियम 2012 के बारे में जानकारी दी गई। उनके द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अन्य योजनाओं जिला परिवार परामर्श योजना, जिला परामर्श योजना, अपराध पीड़ित प्रतिकार योजना, लोकोपयोगी सेवाओं की लोक अदालत के बारे में भी जानकारी दी गई।
पी.एल.व्ही शहनाज बेगम द्वारा विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम की धारा 12 के तहत निशुल्क विधिक सहायता के प्रावधान और चाइल्डलाइन की प्रक्रिया व टोल फ्री नंबर 1098 व राज्य प्राधिकरण के टोल फ्री नंबर 15100 के बारे में जानकारी दी गई । इस शिविर में ऑगनबाड़ी कार्यकर्ता लक्ष्मी सोनवानी, छात्रावास वार्डन गीता पटेल, फिरन सिंह, कृष्णा सिंह, पीएलव्ही सहित अन्य लोग उपस्थित थे।




