*चारागाह भूमि पर वन विभाग का अवैध कब्जा के खिलाफ ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर तक लगाने पहुंचे न्याय की गुहार लेकिन अभी तक नहीं हुई सुनवाई*
जिला धौलपुर राजस्थान

चारागाह भूमि पर वन विभाग के अवैध कब्जा को देखकर ग्रामीणों ने जिला कार्यालय तक लगा चुके हैं न्याय की गुहार लेकिन प्रशासन सुनने को नहीं है तैयार
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एंकर -जिले की बाड़ी उपखण्ड की ग्राम पंचायत सहेड़ी में ग्राम पंचायत की क़रीब 512 बीघा भूमि राजस्व रिकॉर्ड में चारागाह भूमि के रूप में दर्ज़ है। जिस पर ग्राम पंचायत के वाशिंदे अपने – अपने पशुओं को चराते थे लेकिन पिछले कुछ समय से वन विभाग के कर्मचारियों ने उक्त चारागाह भूमि पर अवैध कब्जा कर गहरी – गहरी खाई खोद दी है। ग्राम पंचायत के वाशिंदे उक्त चारागाह की भूमि की पैमाइश कराने एवं कब्ज़ा दिलाने की माँग को लेकर बाड़ी तहसील कार्यालय से लेकर जिलाधीश कार्यालय तक गुहार लगा चुके हैं

लेकिन प्रशासन द्वारा अभी तक कोई भी कार्यवाही अमल में नहीं लायी गयी है। ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने उक्त चारागाह भूमि को वन विभाग के क़ब्जे से मुक्त कराने को लेकर वन विभाग के ख़िलाफ़ जमकर नारेबाज़ी की। ग्राम पंचायत सहेड़ी के पूर्व सरपंच नत्थी लाल का कहना है कि उक्त 512 बीघा भूमि जिसकी खसरा संख्या 1812/1825 है, सहेड़ी ग्राम पंचायत की चारागाह भूमि के रूप में दर्ज है। उनका कहना है कि वन विभाग के कर्मचारी उक्त चारागाह भूमि पर ग्रामीणों को पशु चराने से रोकते हैं एवं उनके खिलाफ एफ आई आर दर्ज़ कराने की धमकी देते हैं।

जो सरासर अन्याय है।
उन्होंने प्रशासन से उक्त चारागाह भूमि की पैमाइश कराकर वन विभाग के क़ब्जे से मुक्त कराने की मांग की है।
इस मौके पर सहेड़ी ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच नत्थी के अलावा रामवीर मीणा, हरिओम शर्मा, राजू, मोहरसिंह, कोकसिंह बघेल,जगन्नाथ, चंदन रमजी बघेल, भगवान सिंह ,नरेंद्र, गौरव सियाराम बघेल ,चंदन, लाखन, राजू आदि अनेकों ग्रामीण उपस्थित थे।
(राजस्थान स्टेट हेड धर्मेंद्र बिधौलिया की रिपोर्ट)




