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*कालोनियों में टूटी पाइप लाइन सड़कों में फैल रही गंदगी कालरी प्रबंधक बने मौन दर्शक*

डोला जिला अनुपपुर मध्य-प्रदेश

*कालोनियों में टूटी पाइप लाइन सड़कों में फैल रही गंदगी कालरी प्रबंधक बने मौन दर्शक*

संभागीय ब्यूरो चीफ चन्द्रभान सिंह राठौर कि कलम से

अनूपपुर/डोला

कोयलांचल क्षेत्र जमुना कोतमा अंतर्गत गोविंदा कालोनी लहसुई कैंप जहां समस्याएं बढ़ती जा रही है और इसी प्रकार से कालरी प्रबंधन द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है यही वजह है कि यहां निवासरत श्रमिक कॉलोनी में सबसे अधिक समस्या साफ सफाई का ना होना है कॉलोनी में जगह जगह कचरे के ढेर लगे हैं सेप्टिक टैंक का चेंबर खुले हैं जिसका गंदा पानी रोड में बहता रहता है श्रमिकों ने बताया कि साफ सफाई नहीं की जा रही है पूरी कॉलोनी में गाजर घास कचरे का चारों ओर ढेर लगा हुआ है लेकिन कालरी प्रबंधन इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।

साफ सफाई की अनदेखी करता कालरी प्रबंधन

जमुना कोतमा क्षेत्र अंतर्गत गोविंदा कॉलोनी लहसुई कैंप कालोनियों मे देखा जाए तो वर्तमान समय में पूरी तरह से सफाई व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है सफाई के नाम पर जहां एक और कालरी प्रबंधन लाखों रुपए खर्च कर रहा है तो वहीं दूसरी तरफ सफाई है कि कॉलोनी में नजर ही नहीं आ रही है यहां पर व्याप्त समस्याओं से कालरी प्रबंधन भी अचंभित नहीं है लेकिन बावजूद इसके व्यवस्था में सुधार की जगह इसे अनदेखा किया जा रहा है।

लाखों रुपये खर्च होने के बात सफाई शून्य

कॉलोनी जहां पर कचरा उठाने को लेकर किसी प्रकार से ध्यान नहीं दिया जा रहा है आए दिन कॉलोनी की समस्या बढ़ती जा रही है लाखों रुपए का ठेका ठेकेदारों के द्वारा लिया जाता है लेकिन जो जिम्मेदारी होती है उनका पालन नहीं होता और सफाई व्यवस्था के नाम पर ठेकेदार पैसा ले रहे हैं कई जगह ऐसी है जहां पर कचरा काफी अरसे से पड़ा है लेकिन उन्हें उठाया नहीं जाता आवारा पशु कचड़ों को सड़क पर फैला रहे हैं ऐसे में समस्याएं और बढ़ जाती हैं सफाई के नाम पर ठेकेदार के द्वारा कुछ दिनों पूर्व खानापूर्ति की गई लेकिन कॉलोनी में सफाई व्यवस्था जस की तस बनी हुई है।

कालोनियों के खुले पड़े हैं सेफ्टी टैंक

कालोनियों में घरो के पीछे सेप्टिक टैंक पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं चेंबर खुले होने की वजह से बदबू भी आती है साथ ही बच्चों एवं जानवरों के गिरने का खतरा ही बना रहता है जबकि कालरी प्रबंधन के द्वारा करोड़ों रुपए कालोनियों में बने घरों की रिपेयरिंग के नाम से ठेकेदारों को दे चुके हैं बावजूद इसके इस और कालरी प्रबंधन ध्यान नहीं दे रही है।

कालोनी क्वार्टर मे उग रहे पेड़

गोविंदा कालरी के क्वार्टरों में बाहर दीवारों पर बड़े-बड़े पेड़ उग रहे हैं लेकिन कॉलरी प्रबंधन को इससे कोई लेना – देना नहीं यहां तक की क्वार्टरों के पीछे बड़े – बड़े पेड़ एवं गाजर घास भी उगे हुए हैं,प्रबंधन द्वारा श्रम संगठनो की बातों को भी अनसुना किया जा रहा प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रमिक संघो ने भी कई बार कालोनी में साफ सफाई को लेकर प्रबंधन का ध्यान ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया था लेकिन नतीजा शून्य रहा कोयला उत्पादन को लेकर जहां एक और श्रमिक दिन रात मेहनत करता है वही श्रमिकों को जो सुविधा मिलनी चाहिए वह उन्हें नहीं मिलती है श्रमिक अपने पैसे लगाकर अपने घर के आस – पास सफाई कराने के लिए विवश हैं।

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