*संभाग के उन्नतशील कृषकों को जोड़कर कृषक सलाहकार मंडल बनाएं – कमिश्नर*
शहडोल जिला मध्यप्रदेश

संभाग के उन्नतशील कृषकों को जोड़कर कृषक सलाहकार मंडल बनाएं – कमिश्नर
पशु चिकित्सा, उद्यानिकी, मत्स्य पालन का अमला कृषि वैज्ञानिकों की सलाह को आत्मसात कर समन्वित प्रयास से मैदानी स्तर पर करें कार्य – राजीव शर्मा
कृषि विज्ञान केन्द्र में कमिश्नर ने ली बैठक
शहडोल / दिन मगंलवार दिनांक 01 जून 2021 को कमिश्नर शहडोल संभाग राजीव शर्मा ने कहा है कि संभाग के उन्नतशील कृषकों को जोड़कर कृषक सलाहकार मंडल का गठन करें। जिससे उनकी आंतरिक व समसामयिक जानकारियां व गतिविधियां तथा उनकी समस्याओं से अवगत हो कर उसमें सुधार लाया जा सकें और किसानों को समृद्ध बनाते हुए खेती को लाभकारी बनाने में सहयोग व सफलता प्राप्त हो सकें।

उन्नतशील किसानों की सूची बनाकर उनसे कृषि वैज्ञानिक एवं कृषि, पशु, मछली पालन तथा उद्यानिकी के अधिकारी सतत संवाद प्रक्रिया चलाएं जिससे किसानों को समय-समय पर शासन की नवीन योजनाएं व कृषि संबंधी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल हो सके।
उन्होंने कहा है कि कृषकों से जीवन्त सम्पर्क बनाकर उनका उत्साहवर्धन करें व सहयोग करें जिससे उनके मन में खेती के प्रति लगाव और उत्साह बढे़। उन्होंने कहा कि इस कार्य में एनआरएलएम, जिला पंचायत तथा उद्यानिकी, पशु पालन एवं मत्स्य पालन के मैदानी अमला कृषि वैज्ञानिकों की सलाह को आत्मसात कर कृषकों के जीवन को सुधारने हेतु समन्वित प्रयास करें तथा उन्हें समय-समय पर समसामयिक जानकारियों से भी अवगत कराते रहें।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय अमला फील्ड पर अपनी डियूटी का बखूबी निर्वहन करें तथा अपनी सेवा को जन सेवा मानकर उसमें कोताही न बरतें। कमिश्नर शहडोल संभाग राजीव शर्मा मगंलवार को कृषि विज्ञान केन्द्र के सभागार में कृषि से जुडे अधिकारियो को सम्बोंधित कर रहे थें।
कमिश्नर राजीव शर्मा ने कहा कि शासकीय सेवकों को पद से परे अपने कर्तव्यों का बखूबी निर्वहन करते हुए जन हितैषी कार्याें को अंजाम दें तो उनकी मेहनत व सेवा के सुखद परिणाम सामने आएगें और इसके लाभ भी परिलक्षित होने लगेगें। उन्होंने कहा कि कृषि से जुडे विभाग के लोग आपस में मिलकर यह प्रयास करें कि किसानों को किस तरह से आगे बढाया जाएं और उन्हें लाभान्वित किया जाए।
कमिश्नर ने कहा कि, संभाग में मत्स्य उत्पादन को बढावा देते हुए दुग्ध उत्पादन की सहकारी समितियों का भी गठन करें साथ ही फसलों, उद्यानिकी, मछली पालन, पशु पालन, सब्जी पालन एवं दुग्ध उत्पादन को भी बढावा दे जिससे संभाग में कुपोषण की कमी आएगी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की आय भी बढेगी।
कमिश्नर ने कहा कि, शासकीय अमले व प्रशासन का कार्य असमर्थ से समर्थ बनाना है। बैठक में उन्होंने चाय एवं काफी उत्पादन की स्थितियों की जानकारी भी ली। उन्होंने मिल्क कल्चर को बढावा देने हेतु जोर देते हुए कहा कि, संभाग में दुग्ध उत्पादन को अधिक से अधिक बढावा दें जिससे दुग्ध उत्पादक किसानों की आय में वृद्धि हो सके और दुग्ध की कमी को भी पूरा किया जा सके। बैठक में संयुक्त संचालक कृषि जे.एस. पेन्द्राम, कृषि वैज्ञानिक डाॅ. मृगेन्द्र सिंह, डाॅ. अल्पना शर्मा, उप संचालक कृषि आर. पी. झारियां, कृषि विज्ञान केन्द्र के इंजीनियर दीपक चैहान, अनुविभागीय अधिकारी कृषि सी.आर. अहिरवार उपस्थित थें।




