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*ऑनलाइन शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष होने की आवश्यकता – राज्यपाल*

शहडोल जिला मध्यप्रदेश

ऑनलाइन शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष होने की आवश्यकता – राज्यपाल

शंभूनाथ विश्वविद्यालय चौथा स्थापना दिवस मनाया गया

शहडोल / 1 जून 2021 को प्रदेश की राज्यपाल आंनदीबेन पटेल ने कहा है कि ऑनलाइन शिक्षा आज की आवश्यकता है। ऑनलाइन शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से प्रदेश के दूर-दराज में रहने वाले विद्यार्थियों को भी ऑनलाइन शिक्षण का लाभ मिले, इसके प्रयास करना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि, हमें मंथन करना होगा कि हमारी वर्तमान शिक्षा पद्वति रोजगार मूलक हो।

उन्होंने कहा कि, सम्पूर्ण विश्व आज कोरोना महामारी से प्रभावित है। कोरोना महामारी ने शैक्षणिक, समाजिक एवं आर्थिक जीवन को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि आज की परिस्थितियों में उद्योगों की आवश्यकता वाले पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय में संचालित करने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय छात्र कल्याण पर भी ध्यान दें, आर्थिक संकट के कारण कोई भी विद्यार्थी शिक्षा से वंचित न रहें इस पर भी ध्यान दें। प्रदेश की राज्यपाल आंनदीबेन पटेल दिन मगंलवार दिनांक 1 जून 2021 को शंभूनाथ विश्वविद्यालय शहडोल के चौथें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह को वर्चुअली सम्बोधित कर रही थी। माननीय राज्यपाल ने पं. शंभूनाथ विश्वविद्यालय के चौथे स्थापना दिवस पर विश्वविद्यालय परिवार, छात्र-छात्रों एवं क्षेत्र के नागरिको को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि, विश्वविद्यालयों से छात्रों का सर्वांगीण विकास होना चाहिए, विश्वविद्यालयों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होना चाहिए।

कार्यक्रम को वर्चुअली सम्बोंधित करते हुए करते हुए प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. मोहन यादव ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य मध्यप्रदेश शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताएं है। उन्होंने कहा कि, शहडोल क्षेत्र में शैक्षणिक आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए पं. शंभूनाथ विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थीं यह शैक्षणिक संस्थान पूरी क्षमताओं के साथ कार्य कर रहा हैं तथा उत्कृष्ट शिक्षा केन्द्र के रूप में अपनी पहचान बनाई है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के पास नवीनतम संसाधन उपलब्ध है जिसका लाभ क्षेत्र के विद्यार्थियों को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों में नैतिक मूल्यों का संरक्षण एवं संवर्धन करना छात्रों को नैतिक रूप से सामर्थवान बनाना विश्वविद्यालय का दायित्व है।

समारोह को सम्बोंधित करते हुए कुलपति शंभूनाथ विश्वविद्यालय डाॅ. मुकेश तिवारी ने कहा कि, औपचारिक रूप से 01 जून 2017 से संचालित इस विश्वविद्यालय को एकल विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त है, विश्वविद्यालय में समस्त पारंपरिक विषयों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के अलावा कंप्यूटर साइंस, बायो टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, व फिशरीज में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम एवं शारीरिक शिक्षण में डिग्री पाठ्यक्रम भी संचालित है। महामहिम राज्यपाल के निर्देशों के अनुपालन में विगत वर्षों से सर्टिफिकेट एवं डिप्लोमा कोर्स जैसे सर्टिफिकेट कोर्स इन म्यूजिक, पीजीडीसीए, पीजी डिप्लोमा इन योगा, पीजी डिप्लोमा इन जीएसटी भी संचालित है।

उन्होंने कहा कि स्ववित्तीय पाठ्यक्रमों के अंतर्गत एमबीए एवं एमएसडब्ल्यू जैसे डिग्री पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किए गए हैं। विश्वविद्यालय में वर्तमान में लगभग 11000 विद्यार्थी अध्ययनरत है, इसके अतिरिक्त विस्तार केंद्रों के माध्यम से कुछ नए पाठ्यक्रमों को संचालित करने हेतु विश्वविद्यालय प्रयासरत है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के अध्यक्ष भगवत शरण सिंह ने कहा कि इस संस्थान से मैं निरंतर जुडा रहा हूं। बीते दिनों से पं. शंभूनाथ विश्वविद्यालय अपनी स्थापना का चौथे वर्ष मना रहा हैं, यह खुशी का अवसर है।

इस अवसर पर मै सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देता हूं। समारोह को शिक्षाविद डाॅ. उमाशंकर पचैरी ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुल सचिव विनय सिंह ने भी सम्बोधित किया।

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