घटिया निर्माण और तकनीकी खामियों ने बढ़ाया खतरा, कटनी बाईपास हाईवे पर रोज़ हो रहे हादसे
कटनी जिला मध्य प्रदेश

घटिया निर्माण और तकनीकी खामियों ने बढ़ाया खतरा, कटनी बाईपास हाईवे पर रोज़ हो रहे हादसे
(पढिए जिला कटनी ब्यूरो चीफ ज्योति तिवारी की खास खबर)
मध्य प्रदेश जिला कटनी
खराब गुणवत्ता और गंभीर तकनीकी खामियों के चलते नवनिर्मित कटनी बाईपास हाईवे क्रमांक–30 अब हादसों का हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। कटनी से मैहर की ओर जाने वाले इस मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे, ऊँचे-नीचे जंप और क्षतिग्रस्त सड़क यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, निर्माण पूरा हुए अधिक समय नहीं हुआ, लेकिन सड़क की हालत देखकर इसके गुणवत्ता मानकों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बीती रात इसका ताजा उदाहरण सामने आया, जब मटर से लदी एक पिकअप गाड़ी चाका बाईपास पुल के ऊपर बने एक खतरनाक जंप से गुजरते समय बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। अचानक तेज उछाल आने से वाहन की चेसिस टूट गई जिससे पिकअप सड़क पर ही फँस गई और काफी देर तक हाईवे पर यातायात बाधित रहा। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन बड़ा हादसा होते-होते टल गया।

इसी तरह झुकेही क्षेत्र के मोहननगर चौराहे पर निर्माण के दौरान की गई तकनीकी चूक अब दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। गलत डिज़ाइन और संकेतों की कमी के कारण गलत दिशा से वाहन अचानक सामने आ जाते हैं। हाल ही में ऐसी ही स्थिति में शाहनगर की ओर जा रहे एक वाहन के अचानक सामने आ जाने से शराब से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में लाखों रुपये की शासकीय शराब नष्ट हो गई, जबकि कुछ मात्रा के चोरी होने की भी आशंका जताई जा रही है।

स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों का कहना है कि यह हाईवे उच्चतम टोल चार्ज वसूलने के बावजूद बुनियादी सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतर रहा है। नेशनल हाईवे विभाग की लापरवाही और अनदेखी के कारण रोज़ कोई न कोई गंभीर हादसा हो रहा है। न तो समय पर मरम्मत की जा रही है और न ही तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

लोगों ने प्रशासन और नेशनल हाईवे प्राधिकरण से मांग की है कि सड़क की तत्काल मरम्मत खतरनाक जंप हटाने, सही डायवर्जन और संकेतक लगाने के साथ-साथ निर्माण कार्य की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। अन्यथा यह हाईवे आने वाले दिनों में और भी बड़े हादसों को न्योता दे सकता है।




