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शासन–प्रशासन की मिलीभगत से उप वन मंडल जनकपुर में चल रही मनमानी

तहसील भरतपुर जिला मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़

शासन–प्रशासन की मिलीभगत से उप वन मंडल जनकपुर में चल रही मनमानी

(पढिए जिला एमसीबी ब्यूरो चीफ मनमोहन सांधे की खास खबर)

गरीबों के हक़ पर डाका, सुविधाओं से वंचित हो रहे ग्रामीण

भरतपुर (एमसीबी)।
छत्तीसगढ़ राज्य के जिला मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर के अंतर्गत आने वाले विकासखंड भरतपुर के उप वन मंडल जनकपुर परिक्षेत्र बहराशी में शासन–प्रशासन की मिलीभगत से हो रहे मनमाने कार्यों को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्र में सरकारी योजनाओं और फंडों का दुरुपयोग कर खुलेआम भ्रष्टाचार किया जा रहा है, जबकि आम जनता—विशेषकर गरीब, मजदूर और किसान वर्ग—अब भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में शासकीय धन से कार्य तो कागजों पर दिखाए जा रहे हैं,
लेकिन ज़मीनी स्तर पर वास्तविक विकास दिखाई नहीं देता।

वहीं, जब कोई जागरूक व्यक्ति या स्थानीय मेंटर इस गड़बड़ी की जानकारी संबंधित विभाग को देने की कोशिश करता है, तो अधिकारी और कर्मचारी मिलकर मामले को दबा देते हैं। शिकायत करने वालों को डराया–धमकाया भी जाता है ताकि सच्चाई बाहर न आ सके।

ग्रामीणों का आरोप है कि डबल इंजन की सरकार बनने के बाद से गरीबों, मजदूरों और किसानों के साथ शोषण बढ़ गया है।

सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा, जबकि भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों की जेब भर रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार एक ओर “गरीब हितैषी” होने का दावा करती है,

लेकिन दूसरी ओर धरातल पर गरीबों की आवाज़ को दबाया जा रहा है। गांवों में सड़क, पानी, बिजली, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है।

स्थानीय लोगों ने शासन–प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके और गरीबों को उनका हक़ मिल सके।

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