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मन्नौढ़ पंचायत में 15 वें वित्त राशि में गड़बड़ी! सचिव पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप

तहसील भरतपुर जिला मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़

मन्नौढ़ पंचायत में 15 वें वित्त राशि में गड़बड़ी! सचिव पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप

(पढिए जिला एमसीबी ब्यूरो चीफ मनमोहन सांधे की खास खबर)

भरतपुर (एमसीबी)।
छत्तीसगढ़ राज्य के जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) के भरतपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मन्नौढ़ में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है।

ग्रामवासियों ने आरोप लगाया है कि पंचायत सचिव ने 15 वें वित्त आयोग की राशि का बिना किसी कार्य को पूर्ण किए ही शासकीय धन आहरित कर लिया है।

ग्रामीणों के अनुसार, सरपंच और सचिव मिलकर पंचायत के विकास कार्यों के नाम पर कागजों में योजनाएं पूरी दिखाकर धन निकाल लेते हैं, जबकि धरातल पर कोई वास्तविक कार्य नहीं होता।

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन, नाली, सड़क, पेयजल या अन्य सार्वजनिक सुविधाओं में कोई सुधार नहीं हुआ, फिर भी लाखों रुपये का भुगतान दिखाया जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस तरह की गड़बड़ियां लंबे समय से चल रही हैं

लेकिन शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारी मौन हैं। अधिकारी शिकायतों को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे भ्रष्टाचारियों के हौसले और बढ़ते जा रहे हैं।

सरकार लगातार यह दावा करती है कि ग्रामीण अंचलों में विकास की गंगा बह रही है

लेकिन मन्नौढ़ पंचायत का हाल इन दावों की पोल खोलता है।

जमीनी स्तर पर देखा जाए तो विकास कार्यों के बजाय लूट और अनियमितता का बोलबाला दिखाई दे रहा है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस मामले की सघन जांच कराई जाए तथा दोषी सचिव और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही की जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्यवाही नहीं हुई, तो वे जनपद और जिला मुख्यालय में आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

ग्रामवासियों का यह भी आरोप है कि पंचायत से लेकर जनपद पंचायत तक बैठे अधिकारी शॉर्टकट विकास” के नाम पर भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहे हैं। आम जनता के हक के पैसे को अफसरों और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच बाँट लिया जाता है, और कोई कार्रवाई नहीं होती।

यह मामला न केवल मन्नौढ़ ग्राम पंचायत के प्रशासनिक हालात को उजागर करता है,

बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि आखिर ग्रामीण विकास योजनाओं का असली लाभ जनता तक कब पहुँचेगा?

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