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जिला कटनी क्रेशर में दर्दनाक हादसा : महिला मजदूर की मौत, फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही उजागर

जिला कटनी मध्य प्रदेश

जिला कटनी क्रेशर में दर्दनाक हादसा : महिला मजदूर की मौत, फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही उजागर

(पढिए जिला कटनी ब्यूरो चीफ ज्योति तिवारी की खास खबर)

(मध्य प्रदेश)।
जिला कटनी के भनपुरा-बिछुआ मार्ग पर स्थित पीआरवी मिनरल्स क्रेशर उद्योग में गुरुवार सुबह लगभग 10 बजे एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ।

हादसे में 40 वर्षीय महिला मजदूर चित्रबाई पटेल क्रेशर मशीन की चपेट में आकर बुरी तरह कुचल गईं और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।

इस घटना ने न केवल फैक्ट्री प्रबंधन की घोर लापरवाही बल्कि जिला प्रशासन की अनदेखी को भी उजागर कर दिया है।

हादसे का सिलसिला और दर्दनाक मंजर

चित्रबाई पटेल अपने पति भाई पटेल के साथ मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रही थीं।

गरीबी से जूझते हुए दोनों पति-पत्नी खतरनाक मशीनों के बीच काम करने को मजबूर थे। गुरुवार सुबह मशीन में खराबी आने पर सहकर्मी के कहने पर चित्रबाई उसे ठीक करने के लिए पास गईं।

लेकिन सुरक्षा उपकरणों की कमी और मशीन की तेज गति ने उनकी जान ले ली। साथी मजदूरों ने मशीन रोकने की कोशिश की, परंतु तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

सुरक्षा के नाम पर ‘शून्य’ व्यवस्था

चित्रबाई के पति भाई पटेल ने आक्रोश जताते हुए कहा –
**“फैक्ट्री में सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं है। न हेलमेट, न ग्लव्स, न इमरजेंसी बटन। मशीन की खराबी की शिकायत करने पर भी मैनेजर टालमटोल करते हैं।

आज मेरी पत्नी की जान गई, मेरे बच्चे अनाथ हो गए। यह हादसा नहीं, हत्या है।

ग्रामीणों का आक्रोश, फैक्ट्री गेट पर प्रदर्शन

हादसे की खबर फैलते ही सैकड़ों ग्रामीण फैक्ट्री के बाहर जमा हो गए और जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया।

‘फैक्ट्री बंद करो’, ‘मजदूरों की हत्या बंद करो’ जैसे नारे गूंज उठे। गुस्साए लोगों ने फैक्ट्री गेट पर ताला जड़ दिया और पथराव की कोशिश भी की।
ग्राम प्रधान ने बताया, “पिछले साल भी यहां दो मजदूर घायल हुए थे, लेकिन प्रशासन ने आंख मूंद ली। फैक्ट्री मालिकों की रसूख के आगे सब चुप हैं। अब ग्रामीण सड़क पर उतरेंगे।”

पुलिस-प्रशासन हरकत में, पर ग्रामीणों को शक

कटनी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात काबू में किए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई है। पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
जिला कलेक्टर ने शोक व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है, लेकिन ग्रामीण इसे औपचारिकता बता रहे हैं।

विपक्ष का हमला और मजदूर संघ का अल्टीमेटम

विपक्षी नेताओं ने भी फैक्ट्री मालिकों और प्रशासन पर निशाना साधा है। एक स्थानीय विधायक ने सोशल मीडिया पर लिखा –

मजदूरों की जान से खिलवाड़ बंद हो। पीआरवी मिनरल्स को तुरंत सील किया जाए और दोषियों को सख्त सजा मिले।

वहीं, मजदूर संघ ने घोषणा की है कि वे फैक्ट्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे और मामला हाईकोर्ट तक ले जाएंगे।

सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल

यह हादसा केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा की बदहाल स्थिति का जीता-जागता सबूत है।

मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष ने कहा,
कटनी की कई क्रशर यूनिट्स में मजदूर बिना सुरक्षा साधनों के काम कर रहे हैं।

केंद्रीय श्रम मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का पालन पूरी तरह ठप है। हम इस मामले को कोर्ट तक ले जाएंगे।”**

अब ग्रामीणों की निगाह प्रशासन पर

यह दर्दनाक घटना प्रशासन के सामने कई सवाल खड़े करती है। क्या अब दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी? क्या फैक्ट्री प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया जाएगा, या फिर यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा?

ग्रामीणों और मजदूरों की निगाहें अब जिला प्रशासन की कार्यवाही पर टिकी हैं।

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