शासकीय भूमि पर मित्तल ग्रुप का अवैध कब्जा, प्रशासन बना मौन दर्शक
कटनी जिला मध्य प्रदेश

शासकीय भूमि पर मित्तल ग्रुप का अवैध कब्जा, प्रशासन बना मौन दर्शक
(पढिए जिला कटनी ब्यूरो चीफ ज्योति तिवारी की खास खबर)
मध्य प्रदेश जिला कटनी
शहर के प्रमुख उद्योगपति मित्तल ग्रुप द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने के मामले एक बार फिर सुर्खियों में हैं।
यह कोई नया मामला नहीं है, पहले भी इस समूह पर शासकीय संपत्तियों पर कब्जा करने के आरोप लगते रहे हैं
लेकिन अब तक किसी ठोस कार्रवाई के अभाव में यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।
ताजा मामला कटनी कलेक्ट्रेट के सामने स्थित मित्तल मॉल से लगी शासकीय भूमि (खसरा नंबर 330, रकबा लगभग 5 एकड़) से जुड़ा है। दस्तावेज़ों में यह भूमि शासकीय संपत्ति के रूप में दर्ज है

लेकिन अब यह पूरी जमीन कब्जे की कगार पर पहुंच चुकी है। बताया जा रहा है कि मित्तल ग्रुप द्वारा इस भूमि पर बाउंड्री वॉल बनाकर धीरे-धीरे इसे निजी संपत्ति में बदलने का प्रयास किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों द्वारा कई बार नगर निगम और जिला प्रशासन से शिकायत की गई,
लेकिन किसी भी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन की यह खामोशी अनेक सवाल खड़े कर रही है।
आरोप है कि मित्तल ग्रुप के प्रमुख पवन मित्तल और ललित मित्तल द्वारा शहर में अन्य शासकीय व ग्रामीण क्षेत्रों की भूमि पर भी इसी तरह कब्जा कर भू-माफिया जैसा तंत्र खड़ा किया गया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि कोई गरीब या आम नागरिक विरोध करता है, तो उसे धमकाया जाता है और चुप करा दिया जाता है।
अब यह मामला सिर्फ एक जमीन का नहीं, बल्कि प्रशासनिक निष्क्रियता और आम जनता के अधिकारों के हनन का बन गया है।
जबलपुर संभाग से समाजसेवी ज्योति तिवारी और वेद प्रकाश दुबे ने इस मुद्दे को लेकर विरोध दर्ज कराया है और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।




