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सूचना के अधिकार मांगने वाले आवेदक को दर-दर की खानी पड़ रही है ठोकर

कटनी जिला मध्य प्रदेश

*सूचना के अधिकार मांगने वाले आवेदक को दर-दर की खानी पड़ रही है ठोकर*

मतलब आवेदक को भटकाया जा रहा है और खुलेआम नियमों की उड़ाई जा रही है धज्जियां

(पढ़िए जिला कटनी ब्यूरो चीफ ज्योति तिवारी की रिपोर्ट)

जिला कटनी/रीठी

सरकार के द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत आम आदमी को विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यो की जानकारी प्राप्त करने के लिए सूचना के अधिकार को जनता को प्रदान किया गया है।

लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीठी में पदस्थ लोक सूचना अधिकारी के द्वारा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी को देने से मना कर दिया गया और कारण बताया गया कि लोकहित में मांगी गई जानकारी अनुचित है।

इसलिए जानकारी नहीं दी जा रही
ऐसे में आरटीआई एक्टिविस्ट विनोद शंकर शर्मा का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीठी, बिलहरी बड़गांव, घुघरा में विगत कुछ महीनों से स्वास्थ्य विभाग के गड़बड़ घोटाले की जानकारी सूचना के अधिकार के तहत मांगी थी लेकिन रीठी सीएचसी लोक सूचना अधिकारी डॉ बबीता सिंह के द्वारा जानकारी देने से मना कर दिया गया

जिसकी अपील आवेदक विनोद शर्मा ने प्रथम अपीलीय अधिकारी से की है।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि सूचना के अधिकार के तहत आवेदक को अनावश्यक बरगलाया जा रहा है। बता दें कि सूचना के अधिकार के तहत जानकारी न देकर रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में व्याप्त भ्रष्टाचार के बारे में आप सहज ही अंदाजा लगाया सकते है।

यहां पर हितग्राही एवं फर्म के नाम पर चेक न काटकर स्वास्थ्य स्वास्थ्य कर्मियों के नाम से चेक काटे जाने की जानकारी है।

जिसकी जानकारी सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई थी जो नहीं दी गई कटनी से मनोज तिवारी की रिपोर्ट कटनी से ज्योति तिवारी

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