*कलेक्टर कार्यालय में आयोजित हुई जन सुनवाई दूर-दराज क्षेत्रों से आये लोंगो के आवेदनों का निराकरण करने संबंधित विभागों को अग्रेशित*
अनुपपुर जिला मध्यप्रदेश

कलेक्टर कार्यालय में आयोजित हुई जन सुनवाई
दूर-दराज क्षेत्रों से आये लोंगो के आवेदनों का निराकरण करने संबंधित विभागों को अग्रेशित
रिपोर्टर – (चंद्रभान सिंह राठौर) संभागीय ब्यूरो चीफ
शहडोल/22 नवम्बर 2022/
कलेक्टर कार्यालय के सोन सभागार में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व प्रगति वर्मा ने दिन मंगलवार को जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से आये लोंगो की समस्याएं सुनी और उनके आवेदन लेकर संबंधित विभागों की ओर निराकरण के लिए अग्रेशित किया। जनसुनवाई में पुराना आरटीओ आफिस शहडोल निवासी सुरेन्द्र कौर डोगरा ने आवेदन देकर उज्जवला योजना के तहत गैस प्राप्त करने की मांग की। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत कलेक्टर कार्यालय में जाने पर बताया गया कि नर्मदा गैस एजेंसी से गैस प्राप्त होगी, वहा जाने पर पुनः कलेक्टर कार्यालय भेजा गया परन्तु आज तक योजना के तहत गैस उपलब्ध नही हुई। इसी प्रकार भूपेन्द्र टाॅक ने आवेदन देकर बताया कि स्थानीय पाॅलिटेक्निक महाविद्यालय में 8 वर्ष तक अतिथि व्याख्याता के पद पर कार्य करने के बाद 3 नवम्बर 2022 को गलत निर्णय लेकर मेरी सेवा समाप्त कर दी गई।
मुझे पुनः अतिथि व्याख्याता के रूप में कार्य करने का अवसर दिलाया जाए। ग्राम करकट निवासी गणेश सिंह ने आवेदन देकर बताया कि भगवन केवट विषनपुरवा, चंद्रमा केवट करकट तथा हीरावती केवट विषनपुरवा द्वारा पर्ची जाति माझी बनकर झूठा शपथ पत्र देकर चुनाव फर्म भरा था जिसे मेरे द्वारा आपत्ति करने पर निरस्त कर दिया गया परन्तु निर्वाचन अधिकारी द्वारा उनके विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज नही कराया गया। ग्राम चंदौला जयसिंहनगर निवासी संजीव जायसवाल ने आवेदन देकर बताया कि मेरी भूमि क्रंमाक 61/1/ख/1 रकवा 0.202 हेक्टेयर का स्वामित्व वर्ष 2013-14 तक मेरे नाम पर था बाद में उक्त भूमि अवैध ढंग से तेंदूडोलहाईन बेवा, श्यामलाल बगैरह के नाम कर दिया गया
मेरे द्वारा तीन वर्षाें से एसडीएम जयसिंहनगर के यहां उक्त रिकार्ड सुधार हेतु आवेदन दिया गया है तथा इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन में भी की गई परन्तु आज तक कोई कार्यवाही नही की गई। उक्त आवेदनों को अनुविभागीय अधिकारी ने संबंधित विभागों की ओर त्वरित निराकरण के लिए भेजा गया। इसी प्रकार अन्य आवेदकों ने भी अपने-अपने आवेदन जनसुनवाई में दिये जिन्हें संबंधित विभागों की ओर निराकरण हेतु भेजा गया। जनसुनवाई में कृषि, आयुर्वेद,स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।




