*छात्रों को कैरियर्स गाइडेंस देने के लिए शहडोल संभाग में चलाया जाएगा उतिष्ठित अभियान*
शहडोल जिला मध्य प्रदेश

छात्रों को कैरियर्स गाइडेंस देने के लिए शहडोल संभाग में चलाया जाएगा उतिष्ठित अभियान
कमिश्नर शहडोल संभाग की अनूठी पहल मेडिकल स्टूडेंट स्कूलों में जाकर देगें छात्रों को कैरियर्स गाइडेंस
उतिष्ठित अभियान की शहडोल संभाग में बनाई गई विस्तृत कार्ययोजना
रिपोर्टर – चंद्रभान सिंह राठौर संभागीय ब्यूरो चीफ
शहडोल/14 मार्च 2022/
शहडोल संभाग के छात्र-छात्राओं एवं युवाओं को कैरियर्स गाइडेंस देने के उद्देश्य से शहडोल संभाग में उतिष्ठित अभियान चलाया जाएगा। उतिष्ठित अभियान के अंतर्गत मेडिकल स्टूडेंट स्कूलों में जाकर छात्र-छात्राओं को चिकित्सक बनने के लिए तैयारियों के संबंध में समुचित जानकारी मुहैया कराएगें वहीं शिक्षा विभाग एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के सहयोग से युवाओं को नीट, एनआईटी, अखिल भारतीय सेवाओं, लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं, क्लेट, होटल मैनेजमेंट, एनडीए, केन्द्रीय सेवाओं, रेल्वे एवं अन्य सेवाओं में भर्ती के संबंध में मार्गदर्शन दिया जाएगा। कमिश्नर शहडोल संभाग राजीव शर्मा द्वारा उतिष्ठित अभियान के क्रियान्वयन हेतु आज कमिश्नर कार्यालय के सभागार में शिक्षा विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों शासकीय एवं अशासकीय शिक्षण संस्थाओं के प्राचार्यों कैरियर्स काउंसलरों की बैठक लेकर उतिष्ठित अभियान के शहडोल संभाग में प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अपेक्षित सहयोग करें। बैठक में शिक्षण से जुडें अधिकारियों एवं स्कूलों के प्राचार्यों को सम्बोंधित करते हुए कमिश्नर ने कहा कि उतिष्ठित अभियान का मुख्य उददेश्य विद्यार्थियों की प्रतिभा को मार्गदर्शन देकर प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए और विधार्थियों के आत्मविश्वास बढाने के लिए प्रयास करना है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश के विद्यार्थी अच्छी शिक्षा ग्रहण करने के बावजूद अपनी योग्यता से काफी कम्पर्स पर समझौता करते है। उन्होंने कहा कि ऐसे बहुत से प्रतिभावान विद्यार्थी है जो आईएएस, आईपीएस बन सकते थे। वे आज शिक्षक या अतिथि शिक्षक ही है। उन्होंने कहा कि आईएएस, आईपीएस एवं लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाएं बहुत कठिन है ये सब भ्रम है, सामान्य विद्यार्थी अपनी मेहनत और लगन के बल पर उच्च पदों में चयनित होकर उच्च पदों को पा सकते है। कमिश्नर ने शिक्षाविदों एवं प्राचार्याें से कहा कि उतिष्ठित अभियान का उददेश्य छात्रों का उत्साहवर्धन करना है। छात्रों को मानसिक रूप से डॉक्टर, इंजीनियर, कलेक्टर, कमिश्नर्स, आईपीएस, अच्छे वैज्ञानिक बनने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि आज विद्यार्थियों को मानसिक दुश्चक्र से निकालने की आवश्यक है तथा उन्हें आगे बढाने की आवश्यकता है। कमिश्नर ने कहा कि शिक्षकों को थोड़ी सी कोशिश हजारो छात्र-छात्राओं का जीवन संभाल सकती है। कमिश्नर ने कहा किजो विद्यार्थी जिस क्षेत्र में जाना चाहे शिक्षक उसकी मदद करें।
उतिष्ठित अभियान की कार्ययोजना –
कमिश्नर शहडोल संभाग राजीव शर्मा की पहल पर चलाए जाने वाले उतिष्ठित अभियान की कार्ययोजना के तहत सर्वप्रथम मेडिकल कॉलेज स्टूडेंट स्कूलों में जाकर छात्रों का गाइडेंस करेंगे वही शहडोल संभाग के स्कूली छात्र-छात्राएं निर्धारित तिथियों में मेडिकल कॉलेज का भ्रमण करेंगे। इस अभियान के तहत शहडोल संभाग के सभी शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों के प्राचार्य एवं शिक्षक विद्यार्थियों को विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं के संबंध में जानकारी देंगे तथा छात्र-छात्राओं केा प्रतियोगिता परीक्षाओं में शामिल के लिए प्रोत्साहित करेंगे, डॉक्टर, इंजीनियर, कलेक्टर, वैज्ञानिक, पुलिस एवं अन्य केन्द्रीय सेवाओं में कैसे भर्ती होंगे इसके संबंध में विद्यार्थियों का सतत मार्गदर्शन करेंगे। स्कूल के शिक्षकों का अन्य विषयों के साथ ही सामान्य ज्ञान विषय पर फोकस रहेगा।
बैठक में डीन मेडिकल कॉलेज डॉ. मिलिंद शिरालकर, संयुक्त संचालक शिक्षा सुखदेव मरावी, उपायुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग ऊषा अजय सिंह, डीपीसी शहडोल डॉ. मदन त्रिपाठी एवं कैरियर्स काउंसलर द्वारा उतिष्ठित अभियान के क्रियान्वयन के संबंध में सुझाव दिये।




