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*कोयला चोरी में बड़े मगरमच्छों को बचाने की तैयारी जारी कॉलरी प्रबंधन*

अनुपपुर जिला मध्यप्रदेश

कोयला  चोरी में बड़े मगरमच्छों को बचाने की तैयारी जारी कॉलरी प्रबंधन

संभागीय ब्यूरो चीफ चन्द्रभान सिंह राठौर कि खास रिपोर्ट

अनूपपुर/अमलाई

विगत दिनों सोहागपुर क्षेत्र अंतर्गत संचालित धनपुरी ओसियम खदान के डी सेक्टर से गाड़ी का नंबर प्लेट बदलकर लगभग 32 टन कोयला चोरी का मामला पुलिस ने पकड़ा था, और आनन-फानन में कॉलरी प्रबंधन ने अपने दो बाबुओं को निलंबित भी कर दिया, किंतु मामला यह निकल कर आ रहा है कि यह कोई पहला मामला तो हो नहीं सकता जब कोयला चोरी यहां से हो रहा हो,यह बात अलग है कि इस बार पुलिस ने इसे पकड़ लिया प्रारंभिक जांच में पुलिस ने जो अपनी प्रेस नोट रिलीज की थी उसमें किसी भी कर्मचारी का नाम नहीं था किंतु अगले दिन धनपुरी ओसियम सब एरिया व मैनेजर ने दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया पर यह पूरे प्रकरण को देखने के बाद यह समझ में आता है कि इस पूरे मामले में कुछ और भी कर्मचारी शामिल हो सकते हैं जिन्हें बचाया जा रहा है जब बाबुओं की इसमें सहभागिता है तब टेक्निकल इंस्पेक्टर,फील्ड इंचार्ज मैनेजर,सब एरिया सभी लोग जिन्हें यह पूरी जानकारी थी उन्हें शामिल क्यों नहीं किया गया जबकि टेक्निकल इंस्पेक्टर व फील्ड इंचार्ज पूरे समय लोडिंग क्षेत्र में मौजूद रहते हैं अब एक बात यह निकल कर आती है जब ट्रक को कोयला चोरी में पकड़ा गया तब उसके मालिक के ऊपर भी कार्यवाही की जाती है किंतु जिस लोडर से कोयला को ट्रक में लोड किया गया उसके ऑपरेटर को तो आरोपी बना दिया गया किंतु लोडर के मालिक को आरोपी क्यों नहीं माना गया? अगली बात यह निकल कर आती है कि सुरक्षा गार्ड के जो चेक पोस्ट बनाए जाते हैं जो ट्रकों के आवाजाही पर चेकिंग कर पूर्ण रूप से सहमत होते हैं तब ही जाने देते हैं,वह यहां क्यों नहीं मौजूद था ? इन सभी मामलों को जब देखा जाता है तो कहीं ना कहीं सभी वरिष्ठ कर्मचारियो की संलिप्तता बराबर समझ में आती है अभी तो एक प्रकरण संज्ञान में आया है ऐसे कई गाड़ियां कोयला प्रतिदिन पार हो जाता होगा जिसकी पुलिस प्रशासन को कोई जानकारी नहीं, ये कोयला चोरी करके कितने लोग करोड़पति बन गए यह भी एक जांच का विषय है जिन कर्मचारियों को इस पूरे मामले में आरोपी बनाया गया हैं और जिन कर्मचारियों को बचाया जा रहा है सभी कर्मचारियों की संपत्ति की भी जांच की जानी चाहिए की यह लोग कोयला चोरी में कितनी संपत्ति के मालिक बने बैठे हुए हैं,और देश की इस धरोहर को कौड़ियों के दाम में बेच रहै है और यह चोर बेखौफ रूप से घूम रहे हैं और आगामी काम को अंजाम देने की फिराक में लगे हुए हैं।

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