*मध्य प्रदेश के जिला अनूपपुर में क्षेत्र की भोली भाली जनता को लूटने में उतारू हुए रेत माफिया पढ़ें पूरी खबर क्या है सच*
जिला अनूपपुर मध्य प्रदेश

👉 *बिग ब्रेकिंग न्यूज़* 👈
👉 *उमरिया/शहडोल/अनूपपुर समाचार* 👈
👉 *क्षेत्र की भोली भाली जनता को लूटने में उतारू हुए रेत माफिया* 👈
👉 *रिपोर्टर :- संभागीय ब्यूरो चीफ चंद्रभान सिंह
राठौर कि कलम से ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️👈*
👉 *अनूपपुर समाचार -* 👈
डोला— एक तरफ जहां पूरा देश कोरोना जैसी महामारी से जूझ रहा व जिससे सभी वर्गों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो चुकी है वही इन दिनों कुछ रेत माफियाओं का आतंक राजनगर, सेमरा,डोला,उरा,बरतराई. आमाडांड,पौराधार के आसपास इतना फैल चुका है
कि इन्हें केवल रेत में अनाप-शनाप पैसा लेकर लोगों को रेत उपलब्ध करा रहे हैं वही जिसे तत्काल में रेत की आवश्यकता होती है उनके लिए प्रति टाली 3000 से 3500 अगर व्यक्ति 2 दिन बाद रेत की मांग करते हैं तो वही रेत 2200 से 2500 सो रुपए में उपलब्ध कराई जाती हैं।
*मानसून लगते ही नदियों से उठ रही रेत पर प्रशासन ने लगाई रोक*
मानसून सत्र शुरू होते ही सभी रेत उत्खनन पर रोक लगा दी गई है लेकिन वन विभाग के वनचौकी झिरियाटोला के आसपास के क्षेत्रों में रेत माफियाओं द्वारा लगातार शासकीय वन भूमि के नाले व नदी के धाटो से रेत का अवैध उत्खनन का कार्य किया जा रहा है
जिसकी लगातार शिकायतें भी की जा रही लेकिन रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन पर जिम्मेदार विभाग उदासीन बना बैठा है जिसमें मुख्य रुप से चार व्यक्तियों का रेत परिवहन कि मानो अनुमति दे दी गई हो
आखिरकार इन रेत माफियाओं पर जिम्मेदार अधिकारी क्यों कार्यवाही करने पर कोताही बरत रहे हैं या तो गांधीजी की चमक के कारण जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारियों को नजरअंदाज कर रहे हैं जिसका खामियाजा राजनगर की भोली-भाली जनता को उठाना पड़ रहा है।
*रेत की कीमत में माफियाओं द्वारा तीन गुना की गई बढ़ोतरी*
पूर्व में जो रेत 800 से लेकर 1000₹ ट्राली पर मिला करती थी आज वही रेत 2200 से 2500 सो रुपए प्रति ट्राली में बेची जा रही है वहीं टीपर के माध्यम से 5000 से 5500₹ प्रति टीपर बेचा जा रहा है आखिर इस रेत परिवहन में कुछ गिने-चुने लोगों को भी जिम्मेदार अधिकारियों से परमिशन मिली हुई है

जिसके कारण इनका समय निर्धारित किया गया है की शाम 6:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक रेत परिवहन किया जाएगा व सुबह 4:00 बजे से 7:00 बजे तक और अति आवश्यक हुआ तो दोपहर में भी एक आद बार आ जा सकता है वही भोले भाले लेवरो से प्रति ट्राली 300₹ लोडिंग का दिया जाता है वहीं पर टीपर में 400₹ के हिसाब से इन लोगों को इनकी राशि दी जाती है।
*इन कई स्थानों से होता है रेत का अवैध उत्खनन*
वन विभाग की भूमि से रोजाना रेत की लोडिंग की जाती है जिसमें मुख्य घाट जमडी घाट डराइहारा घाट भलमुड़ी नाला
टी पी लाइन कुलड़िया नाला यह मुख्य घाट है जहां से रोजाना धड़ल्ले से 10 से 15 ट्रिप रेत का परिवहन होता है। रेत माफियाओं को खुली छूट देने में
वन विभाग के बीट प्रभारी व वन चौकी प्रभारी एवं कोतमा रेंज के जिम्मेदार अधिकारी की भूमिका संदिग्ध बताई जाती है एवं रामनगर पुलिस के साथ माइनिंग विभाग के जिम्मेदार अधिकारी भी इन सब पर कहीं पीछे नहीं है कि उनका हिस्सा उन्हें नहीं दिया जाता वहीं सूत्रों से मिली जानकारी द्वारा बताया गया कि रेत माफियाओं के द्वारा गांधी की चमक धमक इतनी ज्यादा होती है कि इसके सामने सभी जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
*रेत माफियाओं को पहले से रहती है अधिकारियों के आने की सूचना*
जानकारों की मानें तो अधिकारियों के आने की जानकारी पहले ही रेत माफिया को मिल जाती है रेत जानकारी के अनुसार बताया जाता है कि 18 /7/2020 को रात्रि तकरीबन 8:00 बजे अवैध रूप से लोड कर रहे रेत कि सूचना जिम्मेदार वन विभाग के अधिकारियों को दी गई
लेकिन जब तक वन विभाग की टीम यहां पहुंचती तब तक ट्रैक्टर वहां से जा चुका था और ऐसा नहीं है कि इन जिम्मेदार अधिकारियों को यह मालूम नहीं है।
*रेत माफियाओं की जुगल जोड़ी ने राजनगर क्षेत्र में मचाया हड़कंप*
राजनगर क्षेत्र के आसपास के गांव रेत की आवश्यकता हो तो मिश्रा जी व शर्मा जी सहित सिंह ट्रांसपोर्ट एवं गुप्ता जी से करें संपर्क वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बताया जाता है कि मिश्रा जी सिंह ब्रदर्स एवं गुप्ता जी को कुलड़िया नाला टीपी लाइन से रेत के परिवहन की अनुमति दी गई है वही शर्मा जी का भी कुछ ऐसा ही हाल है उन्हें जमडी घाट की जिम्मेदारी दी गई है
कि आप यहां से रेत का उठाव कर सकते हैं और दूसरे किसी की गाड़ी अगर लगती है तो तत्काल इन लोगों के द्वारा इसकी सूचना जिम्मेदार अधिकारियों को दे दी जाती है आखिरकार यह लुकाछिपी का खेल कब तक चलता रहेगा या यूँही क्षेत्र की भोली-भाली जनता को रेत माफियाओं द्वारा लुटा जायेगा।
👉 *अधिकारियों ने की है सांठ – गांठ* 👈
सूत्रों की मानें तो अधिकारियों द्वारा पूर्ण होता है रेत माफियाओं के साथ मिलकर शासकीय संपदा को और भारत देश को खोखला करने का एक अभियान चलाया गया है जिसके तहत यदि कोई आम व्यक्ति इन्हें सूचित करें या कोई पत्रकार इन्हें सूचना प्रदान करें तो इनकी छत्रछाया मानव जैसे माफियाओं के ऊपर ब्रह्मा जी के वरदान स्वरुप बनी हुई है और उन्हें पहले से ही ज्ञात कर दिया जाता है कि हम प्रसाद देने के लिए आ रहे हैं आप तपस्या में विलुप्त होकर लीन हो जाएं।
👉 *ऐसे होते हैं वारे – न्यारे* 👈
किसी ने सच कहा है कि अल्लाह मेहरबान तो गधा पहलवान यह उदाहरण यहां पर सत्य साबित होता हुआ नजर आ रहा है जहां एक तरफ खनिज संपदा को इनके द्वारा क्षति पहुंचाई जा रही है
वहीं इनके और रेत माफियाओं के वारे न्यारे होते नजर आ रहे हैं इससे पूर्व विधानसभा उपचुनाव के दरमियान खाद एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बिसाहूलाल सिंह के द्वारा माहौल को देखते हुए कुछ दिनों के लिए दिखावटी रूप में इन माफियाओं को रोका गया था और सख्त नियम और कार्यवाही के अनुसार रेत के नियमों का पालन करने को आदेशित किया गया था
पर वर्तमान समय में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद इंद्रदेव माफियाओं में सफेद पर्दे पर छिपे हुए राजनीतिक दल भी इस नदी में डुबकी लगाने का कार्य बखूबी कर रहे हैं गौरतलब बात है कि असलियत में इनके द्वारा ही यह गोरखधंधा चलाया जा रहा है।
👉 *किसी को भी दबाने की मिली है छूट* 👈
कारोबारियों का भ्रष्टाचार उजागर करने के लिए यदि कोई सामने आता है तो इनको विशेष छूट मिला है ब्रह्मा जी के वरदान जैसा एक शस्त्र मिला है कि आप उन्हें दबाव बनाओ रस्ते से दरकिनार करो बाकी कुछ होता है
तो हम शक्ति रूप आपके समाज विलुप्त रूप में वरदान स्वरुप विद्वान रहेंगे और दोपहरी दबाव बनाकर राजनीति की करते हुए अपने काम को चरम सीमा तक ले जाने का कार्य बखूबी करते हैं यदि आप भ्रष्टाचार को उजागर करना चाहे तो अधिकारियों का समर्थन इनके ऊपर रहता है और इससे भी ज्यादा कुछ करना चाहे तो दबाव बनाकर धमकी देकर किसी भी तरह से रोका जाता है।
यदि खनिज विभाग के पास कोई मिलने जाए तो यह समय नहीं है मीटिंग में हूं आपसे ज्यादा मेरे पास और भी कोई कार्य है बोल कर अपना पल्ला झाड़ते हुए अनसुनी करते हुए इन बातों को दरकिनार कर देते हैं और यदि दोबारा इन से मिलना भी चाहें तो आपने पदवी और पद का रौब झाड़ते हुए उल्टे शब्दों का प्रयोग करने लगते हैं।
👉 *इनका कहना है* 👈
अभी मैं आवश्यक मीटिंग में हूं, अभी मेरे पास ऑफिस का कार्य है, अभी मैं किसी के साथ बिजी हूं और आप अभी डिस्टर्ब ना करें आपसे ज्यादा जरूरी मुझे कुछ और करना है आप कभी और मिलिए।आप कौन हो आप से मिलना मैं जरूरी नहीं समझता हूं। आप मेरा काम करेंगे। नहीं अभी अंदर नहीं आना जो अभी जो टाइम नहीं है और कभी मिलना।
👉 *पी. पी. राय मुख्य खनिज अधिकारी जिला अनूपपुर* 👈
👉 **रिपोर्टर :- संभागीय ब्यूरो चीफ चंद्रभान सिंह राठौर की रिपोर्ट राजधानी एक्सप्रेस न्यूज़ अनूपपुर,(मध्य प्रदेश) से** 👈




