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*नहीं थम रही है मोजरबेयर पावर प्लांट जैतहरी के प्रबंधन का किसानों को ठगने की नियत*

तहसील जैतहरी जिला अनुपपूर मध्य प्रदेश

नहीं थम रही है मोजरबेयर पावर प्लांट जैतहरी के प्रबंधन का किसानों को ठगने की नियत

रिपोर्टर – संभागीय ब्यूरो चीफ के साथ अनुपपूर जिला से ब्यूरो चीफ विकास सिंह राठौर

जैतहरी / चालाकी इतनी भी अच्छी नहीं होता कि सामने वाले का जीने का संवैधानिक अधिकार भी छीना जाए।
वैसे स्थापना के समय से ही मोजरबेयर पावर प्लांट जैतहरी प्रबंधन विवादो में था, लेकिन अभी भी सुधरने का नाम नहीं ले रहा है।
उक्त आशय की जानकारी संयुक्त ठेकेदारी मजदूर यूनियन सीटू जैतहरी जिला अनूपपुर के अध्यक्ष जुगल किशोर राठौर ने देते हुए बताया कि अभी हाल ही में मोजर बेयर पावर प्लांट के प्रबंधन 10 किसानों को रोजगार देने का नोटिस जारी किया है । जिसमें जिसमें लेख किया गया है कि अकुशल श्रेणी के कार्य एवं श्रम विभाग द्वारा जारी न्यूनतम मासिक वेतन का भुगतान किया जाएगा, इसके अतिरिक्त नियमानुसार एक साप्ताहिक अवकाश, प्रतिवर्ष 8 आकस्मिक अवकाश, सात चिकित्सा अवकाश, नियमानुसार बोनस, ईपीएफ, डब्लू सी पाल्सी, चिकित्सा, बीमा ,आदि लाभ प्राप्त करने की पात्रता होगी ।
किसानों द्वारा नियमित रोजगार/ नौकरी हेतु नामित किए गए सदस्य मोजर बेयर पावर प्लांट के निर्माणावधि के दौरान अर्ध कुशल एवं कुशल ट्रेड के कार्य कर चुके हैं ,ऐसे अनुभवी श्रमिकों को अकुशल श्रमिक के कार्य के लिए आमंत्रित करना, उनका योग्यता का अपमान है।
उन्होंने कहा कि सातवां वेतन आयोग की सिफारिश, अनूपपुर जिले में ही संचालित पावर प्लांट अमरकंटक ताप विद्युत परियोजना चचाई में लागू है,तो मोजर बेयर पावर प्लांट में सातवां वेतन आयोग की सिफारिश को लागू किए जाने की बात क्यों नहीं की जाती है।

कामरेड जुगुल ने कहा कि मोजर बेयर पावर प्लांट की चालाकी को अब इस क्षेत्र के किसान और मजदूर समझ चुके हैं ,अब कम्पनी की चालाकी ज्यादा दिन चलने वाली नहीं है । इस क्षेत्र के किसान एवं मजदूर सातवां वेतन आयोग की सिफारिश को लागू करवाए जाने की लड़ाई लड़ने के लिए लामबंद हो रही है ।
उन्होंने कहा कि 2013-14 से स्वास्थ्य विभाग एवं किसान मित्र का काम किए मजदूरों को अचानक बिना कोई कारण बताए काम से हटाया जाना श्रम कानूनों का धज्जियां उड़ाया जाना है, जबकि वह कार्य स्थाई प्रकृति की है और वहां उनकी जरूरत है। फिर ऐसे काम करने वाले अनुभवी मजदूरों को काम से हटाया जाना मजदूरों को एवं क्षेत्रवासियों को बेरोजगार कर ब्लैकमेल करने कि नियत साफ झलकती है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग किया है कि काम से हटाए गए किसान मित्र एवं स्वास्थ्य कर्मियों को तत्काल मोजर बेयर पावर प्लांट को वापस किए जाने के लिए निर्देशित किया कर श्रमकानून की धज्जियां उडाने से रोकी जाए।

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