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*सर्दियों के मौसम में निमोनिया जैसी बीमारी से बचने हेतु सीएमएचओ ने की लोगों से अपील*

शहडोल जिला मध्य प्रदेश

सर्दियों के मौसम में निमोनिया जैसी बीमारी से बचने हेतु सीएमएचओ ने की लोगों से अपील

रिपोर्टर :- संभागीय ब्यूरो चीफ

शहडोल/17 नवंबर 2021- कलेक्टर वंदना वैद्य के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम एस सागर ने सर्दियों के मौसम को दृष्टिगत रखते हुए लोगों से निमोनिया जैसी मौसमी बीमारियों से बचने हेतु समसामयिक सलाह देते हुए कहा है कि सर्दियों का मौसम शुरू होने के साथ ही निमोनिया जैसी बीमारियों का आना शुरू हो जाता है

निमोनिया एक गंभीर बीमारी है जो हर उम्र के व्यक्तियों को हो सकती है लेकिन यह सबसे ज्यादा 5 साल तक के बच्चों की मृत्यु का कारण बन जाता है, विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु निमोनिया के कारण होती है निमोनिया फेफड़ों में होने वाला संक्रमण होता है जो कि बैक्टीरिया वायरस या केमिकल प्रदूषण की वजह से होता है।

उन्होंने बताया कि निमोनिया के लक्षणों में जैसे तेज सांस लेना, कफ की आवाज आना, खांसी आना, सीने में दर्द, बुखार, सांस लेने में कठिनाई, शरीर में दर्द मांसपेशियों में दर्द, नवजात शिशुओं में कोई विशेष लक्षण दिखाई नहीं देते लेकिन यह नवजात शिशु देखने में बीमार लगे, दूध न पिए, रोए या बुखार हो तो तुरंत चिकित्सक की सलाह लेकर इलाज करवाएं। उन्होंने कहा कि नवजात शिशु के जन्म के समय यदि बच्चे को मां का पहला गाढ़ा दूध जिसे कोलोस्ट्रम कहते हैं उसे अवश्य पिलाना चाहिए जिससे नवजात को निमोनिया के संक्रमण से बचे रहे।

उन्होंने बताया कि बच्चों को निमोनिया से बचने का सबसे अच्छा तरीका है बच्चों को निमोनिया का टीका लगवाना 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को निमोनिया की वैक्सीन लगवाना चाहिए यह बच्चों को 6 सप्ताह, 14 सप्ताह एवं 9 महीने में लगवाने होते हैं यह सभी सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क लगाए जाते हैं नियमित स्तनपान से निमोनिया से बच्चों का बचाव करता है कोरोना संक्रमण काल में बच्चों को निमोनिया से बचाने की अधिक आवश्यकता है जिसके लिए बच्चों का उचित ध्यान रखना काफी जरूरी है,

निमोनिया को दूर रखने के लिए व्यक्तिगत साफ सफाई जरूरी है सीखते समय मुंह और नाक को ढक ले समय-समय पर बच्चों के हाथ भी जरूर धोने चाहिए बच्चों को प्रदूषण से बचाएं सांस संबंधी समस्या न रहे इसके लिए उन्हें धूल मिट्टी का धुम्रपान करने वाली जगहों से दूर रखें बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु पर्याप्त पोषण दें यदि बच्चा 6 महीने से कम है तो नियमित रूप से स्तनपान कराना चाहिए तथा बच्चों को ऊपर से पानी नहीं देना चाहिए यह बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक है।

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