*गरीब आदमी का संबल बने ग्रामीण विकास विभाग – कमिश्नर*
जिला शहडोल जिला मध्य प्रदेश

गरीब आदमी का संबल बने ग्रामीण विकास विभाग – कमिश्नर
सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में घटिया स्तर की परफारमेंस पर कमिश्नर ने व्यक्त की नाराजगी स्थिति को सुधारने के लिए 15 दिनों का दिया अल्टीमेट
शहडोल / दिन शनिवार दिनांक 5 जून 2021 को कमिश्नर शहडोल संभाग राजीव शर्मा ने कहा है कि शहडोल संभाग में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग गरीब और कमजोर आदमी के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कार्य करें। गरीब और कमजोर व्यक्तियों के जीवन में शासकीय योजनाओं के माध्यम से खुशहाली लाएं और उनका आर्थिक संबल बने। उन्होंने कहा है कि जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अपने रोल को समझें कि गरीब आदमी की गरीबी को कैसे दूर कर सकते हैं।
उन्होंने कहा है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा गरीब तबके के लोगों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए जन कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है इन योजनाओं का लाभ गरीब व कमजोर तबके के लोगों को मिलना चाहिए। कमिश्नर ने कहा है कि गरीब तबके के हितग्राहियों को आवास योजना, मनरेगा, खेत तालाब योजना का लाभ मिलना चाहिए। कमिश्नर ने शहडोल संभाग के सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे शहडोल संभाग के सभी तालाबों में मत्स्य बीज डलवाए तालाबों के मेंड़ों में सब्जी लगवाएं तथा तालाबों में सिंघाड़े और कमल की खेती को प्रोत्साहित करें। कमिश्नर शहडोल संभाग राजीव शर्मा शुक्रवार को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे।
कमिश्नर ने कहा कि शहडोल संभाग में दुग्ध उत्पादन की विपुल संभावनाएं हैं। शहडोल संभाग के किसानों को दुग्ध उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाए तथा दुग्ध विपणन की गतिविधियों को बढ़ावा दे। कमिश्नर ने कहा है कि मत्स्य पालन, सब्जी उत्पादन, उन्नत खेती को भी बढ़ावा दें।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जिलेवार समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन में शहडोल संभाग के सभी जिलों की स्थिति बेहद घटिया स्तर की है इसमें एक माह में सुधार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ गरीब एवं कमजोर तबके के लोगों के आर्थिक सशक्तिकरण में होना चाहिए।
कमिश्नर ने कहा कि शहडोल संभाग में कुपोषण दूर करने में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाएं बेहतर साबित हो सकती हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ गरीब तबके के लोगों तक पहुंचना चाहिए। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि योजनाओं की निरंतर मॉनिटरिंग होनी चाहिए।
बैठक में कमिश्नर द्वारा आजीविका मिशन के कार्यो की भी समीक्षा की गई तथा निर्देश दिए कि स्ट्रीट वेंडर योजना कि जिला स्तर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत समीक्षा करें तथा सड़कों के किनारे सब्जी बेच रही महिलाओं को इस योजना का लाभ मिला है अथवा नहीं इसकी क्रास चेकिंग करें।
बैठक में कलेक्टर शहडोल डॉ. सत्येंद्र सिंह, कलेक्टर अनूपपुर सोनिया मीणा, कलेक्टर उमरिया संजीव श्रीवास्तव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शहडोल मेहताब सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अनूपपुर मिलिंद नागदेवे, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत उमरिया जी.एस.टेकाम, अपर कलेक्टर अनूपपुर सरोधन सिंह, उपायुक्त राजस्व वी.के.पांडे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




