जिला सांसद आशीष दुबे ने ग्रामीण क्षेत्रों के भू-स्वामियों का अधिकार अभिलेखों का किया वितरण
जिला जबलपुर मध्य प्रदेश

जिला सांसद आशीष दुबे ने ग्रामीण क्षेत्रों के भू-स्वामियों का अधिकार अभिलेखों का किया वितरण
(पढिए राजधानी एक्सप्रेस न्यूज़ हलचल आज की सच्ची खबरें)
मध्य प्रदेश जिला जबलपुर में दो लाख से अधिक ग्रामीणों को मिला अपनी आवासीय भूमि का अधिकार पत्र
गांव की अर्थव्यवस्था में आयेगा आमूल-चूल परिवर्तन-सांसद
स्वामित्व योजना के तहत आज शनिवार को मानस भवन स्थित स्मार्ट सिटी कार्यालय के सभाकक्ष में संपन्न हुये
जिला स्तरीय कार्यक्रम में सांसद श्री आशीष दुबे ने मझौली विकासखण्ड के ग्राम कापा के ग्रामीणों को उनके स्वामित्व की आवासीय भूमि के भू-अधिकार अभिलेखों का वितरण किया।
महापौर श्री जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक डॉ अभिलाष पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आशा मुकेश गोंटिया, मध्यप्रदेश तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री रविकरण साहू, कलेक्टर दीपक सक्सेना, भाजपा के नगर अध्यक्ष श्री रत्नेश सोनकर, श्री पँकज दुबे एवं श्री सोनू बचवानी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

कार्यक्रम में भू-अधिकार अभिलेखों के वितरण के राष्ट्रीय स्तर के समारोह से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण भी किया गया।
स्वामित्व योजना के तहत भू-अधिकार अभिलेख के वितरण के इस कार्यक्रम में सांसद श्री दुबे ने सभी हितग्राहियों को बधाई दी। उन्होंने योजना के तहत जबलपुर जिले में हुए कार्य की सराहना करते हुए कहा कि निश्चित रूप से इस जिले में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप कार्य हुआ है।
श्री दुबे ने स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को भू-अधिकार अभिलेख पत्रों के वितरण को ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन लाने वाला बताते हुए कहा कि गांव में रहने वाला किसान भू-अधिकार पत्र के आधार पर बैंक से कर्ज लेकर खेती किसानी के साथ-साथ अपना व्यवसाय भी शुरू कर सकता है और आर्थिक उन्नति की राह पर बढ़ सकता है।
श्री दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के पहले कभी किसी का इस ओर ध्यान नहीं गया कि गांव में किसान पीढि़यों से जिस घर में रह रहे थे उसका अधिकार पत्र उनके पास नहीं था।
लेकिन अब जब अधिकार पत्र मिल गये हैं तो ग्रामीण और किसान इसका सदुपयोग कर रहे हैं।
सांसद श्री दुबे ने कहा कि देश की सत्तर प्रतिशत आबादी ग्रामीण अंचल में रहती है और भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी ग्रामीण अंचल ही है। हमारा यह मानना है कि यदि देश को आगे ले जाना है
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुसार सन 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाना है तो उसकी पहल ग्रामीण अंचल से ही होगी।
सांसद ने कहा कि देश को विकास की पटरी पर लाने का जो काम हुआ उसमें दो व्यक्तियों का अभूतपूर्व योगदान रहा है
इनमें एक वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी हैं और दूसरे पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी बाजपेयी है, जिन्होंने सबसे पहले गांव पर नजर डाली और ग्रामीण अंचल के विकास के बारे में सोचा।
श्री अटल बिहारी बाजपेयी जब प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना शुरू कर गांव को विकास की मूल धारा से जोड़ने का काम किया और किसानों को क्रेडिट कार्ड देकर उनका आर्थिक स्तर उठाने का कार्य किया।
ये ऐसी आधारभूत चीजे थी जो आजादी के बाद काफी पहले हो जानी चाहिए थीं, लेकिन नहीं हुई।
सांसद ने कहा कि देश को विकास की राह पर ले जाने की जिस लाईन को खीचने का काम पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी ने किया उस लाईन को आगे बढ़ाने का काम यदि किसी ने किया तो वो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी हैं।
श्री दुबे ने भू-अधिकार अभिलेख प्राप्त करने वाले जिले के दो लाख से अधिक ग्रामीणों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि केन्द्र सरकार और मध्यप्रदेश सरकार परछाई की तरह उनके साथ रहेगी और उन्हें प्रगति के पथ पर अग्रसर रहने के लिए हमेशा प्रेरित करती रहेगी।
सांसद ने स्वामित्व योजना के तहत जिले में शत प्रतिशत अधिकार अभिलेख पत्र के वितरण के लिए
कलेक्टर दीपक सक्सेना की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने इस योजना को नीचे धरातल पर उतारने का सराहनीय कार्य किया।
सांसद श्री आशीष दुबे ने कार्यक्रम में महापौर श्री जगत बहादुर सिंह अन्नू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आशा मुकेश गोंटिया एवं विधायक डॉ अभिलाष पांडे के साथ ग्राम पंचायत कापा के अलावा जिले की प्रत्येक तहसील के दस-दस ग्रामीणों को भू-अधिकार अभिलेखों का वितरण भी किया। बता दें कि जबलपुर जिले में स्वामित्व योजना के अंतर्गत 2 लाख 480 ग्रामीणों को आवासीय भूमि के भू अधिकार अभिलेख प्रदान किये जा चुके हैं।
जिले की 527 ग्राम पंचायतों में से ग्राम पंचायत कापा को छोड़कर सभी में ये कार्य पूरा किया जा चुका है।
स्मार्ट सिटी कार्यालय के सभागार के साथ ही आज ग्राम कापा में भी कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को भूमि स्वामी अधिकार पत्रों का वितरण कर दिया गया।
इसके साथ ही जिले के सभी ग्रामीणों को उनके स्वामित्व की आवासीय भूमि के अधिकार अभिलेख स्वामित्व योजना के तहत प्रदान किये जा चुके हैं।

