*विद्यार्थी खुद की एवं देश की समृद्धि का सपना देखें – कमिश्नर*
शहडोल जिला मध्य प्रदेश

विद्यार्थी खुद की एवं देश की समृद्धि का सपना देखें – कमिश्नर
जीवित मनुष्य की ज्ञान की यात्रा कभी समाप्त नहीं होती – कमिश्नर
विद्यार्थी खुद को अपडेट एवं अपलोड रखें – कमिश्नर
कमिश्नर ने आज डाइट के प्रशिक्षु विद्यार्थियों से किया संवाद
रिपोर्टर – सी.एस. राठौर (संभागीय ब्यूरो चीफ)
शहडोल/26 अप्रैल 2023/
कमिश्नर शहडोल संभाग राजीव शर्मा ने कहा है कि जीवित मनुष्य की ज्ञान की यात्रा कभी समाप्त नहीं होती है। सभी विद्यार्थी खुद को समय-समय पर अपडेट एवं अपलोड रखें, जिससे इस आधुनिक दुनिया चल रही जितनी गतिविधियां हैं, सभी का ज्ञान एवं जानकारी हो सके। कमिश्नर शहडोल संभाग राजीव शर्मा आज डाइट कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में डाइट के विद्यार्थियों से संवाद कर रहे थे।
कमिश्नर ने कहा कि विद्यार्थियों को हमेशा ही बड़े से बड़े सपने देखना चाहिए। मैं सभी विद्यार्थियों के अंदर उत्साह देख रहा हूं। आप सभी विद्यार्थी अगर चाहे तो भारत देश को दुनिया का सर्वोच्च शक्ति के रूप में निखार सकते हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी विद्यार्थी भारत में जन्म लिए हैं, यह बात बहुत ही गौरव एवं हर्ष की बात है, भारत में जन्म लेना मतलब पिछले कई जन्मों में अपने अच्छे पुण्य कार्य किए होंगे, तब यहां जन्म मिला है। हमारे भारत की भूमि कोई साधारण भूमि नहीं है, यह महात्माओं एवं तपस्वी की भूमि है।
कमिश्नर ने कहा कि लड़का या लड़की होना दोनों ही गर्व की बात है, आज के समय में दोनों में किसी प्रकार की असमानता नहीं है। उन्होंने कहा कि इंसान को कभी सीखना नहीं छोड़ना चाहिए जब तक जीवन है, तब तक इंसान कुछ न कुछ सीखता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी हमेशा विनम्र एवं साहसी होना चाहिए। विद्यार्थी को हमेशा विद्यार्थी जीवन में सीखने का प्रयास करना चाहिए।
विद्यार्थी अगर रात में सोए उससे पहले उसे दिनभर का दिनचर्या एक बार याद करना चाहिए कि उसने पूरा दिन क्या किया तथा अगर कोई भी पाठ एवं प्रश्न में उसे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो वह उस पाठ्य या प्रश्न को बार-बार पढ़ें तथा वह सुबह उठता है तो उसे वापस एक बार पुनः दोहराए तथा यह विचार करें कि उसे आज अपने दिनचर्या में क्या करना है तथा आज का दिनचर्या कल से और ज्यादा बेहतर कैसे कर सकता है। इसके बारे में भी एक विद्यार्थियों को अवश्य सोचना चाहिए।
कमिश्नर ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थी की दिशा एवं दशा दोनों ही सुधारने की क्षमता रखता है। शिक्षक वह है, जो देश का भविष्य तैयार कर रहा है। शिक्षक विद्यार्थी को सोना नहीं अपितु पारस बनाने का संकल्प रखने वाला होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक एवं विद्यार्थी अपने ड्यूटी ईमानदारी से करें तो जीवन में चमत्कार हो सकता है। कमिश्नर ने कहा कि जहां सहरिया, भरिया, गौड़ एवं जहां दुर्गम क्षेत्रों में जो जनजातीय निवास कर रही है, अगर उन तक शिक्षा का प्रकाश जाएगा तो भारत माता और अधिक प्रसन्न होंगी। सभी को कोशिश करना चाहिए कि हमारे आसपास रहने वाले सभी लोगों के जीवन में प्रकाश आए और सभी सूर्य की तरह प्रकाशमान हो यही जीवन है।
कार्यक्रम में कमिश्नर ने डाइट के विद्यार्थियों से कुछ सामान्य ज्ञान एवं वर्तमान में चल रहे गतिविधियों के संबंध प्रश्न पूछे। संवाद कार्यक्रम में कमिश्नर ने विद्यार्थियों को जीवन जीने के 3 नियम बताएं। पहला अच्छे से खाओ, दूसरा अच्छे से खेलो तथा तीसरा अच्छे से पढ़ो।
कार्यक्रम में प्राचार्य डाइट रमाशंकर गौतम, वरिष्ठ व्याख्याता अभिलाषा मिश्रा, वरिष्ठ व्याख्याता अनिल श्रीवास्तव, व्याख्याता प्राची भटनागर, व्याख्याता राव सहित अन्य शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।




