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*जिले भर में खुशियों की दास्तां जल संरक्षण के कार्य को बच्चे बूढ़े, विद्यार्थी, महिलाएं, जवान भी सहयोग प्रदान कर रहे है*

उमरिया जिला मध्य प्रदेश

*जिले भर में खुशियों की दास्तां जल संरक्षण के कार्य को बच्चे बूढ़े, विद्यार्थी, महिलाएं, जवान भी सहयोग प्रदान कर रहे है*

 

 

(पढ़िए मध्य प्रदेश हेड राजमणि पांडे की रिपोर्ट)

 

खुशियों की दास्तां

बिरहुलिया ग्राम के बच्चे भी वाकिफ है जल के संरक्षण के महत्व से 

 

मध्य प्रदेश जिला उमरिया- जिले में जल संरक्षण अभियान जन अभियान का स्वरूप लेता जा रहा है। जल संरक्षण के कार्य को बच्चे बूढ़े, विद्यार्थी, महिलाएं, जवान सभी अपना सहयोग प्रदान कर रहे है। आजादी के 75वें वर्ष को अमृत महोत्सव वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के आव्हान पर गांव गांव में जल संरक्षण के महत्व तथा वर्षा के जल के बूंद-बूंद संरक्षण हेतु आम जन मानस को जागरूक किया जा रहा है।  

 ग्राम बिरहुलिया के 70 वर्षीय फूल सिंह ने बताया कि पूर्व सांसद ज्ञान सिंह की प्रेरणा से उन्होंने तालाब के निर्माण हेतु जमीन भी दान की है।

पोतकीपानी नाले में बनाएं गए अमृत सरोवर  100 एकड़ जमीन में सिंचाई सुविधा का विस्तार होने के साथ ही भू जल स्तर में वृद्धि तथा आजीविका हेतु पशु पालन ,मत्स्य पालन तथा उद्यानिकी गतिविधियां संचालित हो सकेगी। स्कूली छात्रा पुष्पा सिंह ने बताया कि अमृत सरोवर बन जाने से पशु पक्षियों तथा वन्य जीवों के साथ ही पालतू पशुओं को भी पीने हेतु पानी मिल सकेगा। 

      गांव की स्व सहायता समूह की महिला कृष्णा बाई ने बताया कि गांव वालों की बहु प्रतीक्षित मांग पूरी हो गई है। तालाब का निर्माण ग्राम पंचायत द्वारा 13.75 लाख रूपये की लागत से कराया गया है। जिसमंे मेढ़ बंधान , वेस्ट वियर का निर्माण शामिल है।

इसी तरह गांव की बेटी पुष्पा ने कहा कि मनुष्य तो अपने उपयोग एवं पीने के लिए पानी की कहीं से भी व्यवस्था कर लेता है लेकिन तालाब बन जानें से ग्रामीणों के साथ साथ पशु धन के लिए भी पीने का पानी तथा चारा आदि की व्यवस्था आसान हुई है। 

केन्द्रीय जल शक्ति विभाग से आए प्रेक्षक योगेश मोहन दीक्षित ने बिरहुलिया ग्राम के बच्चों की जल संरक्षण एवं पशु पक्षियों के प्रति अगाध स्नेह को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को सुखमय बनाने हेतु जल संरक्षण संवर्धन एवं प्रबंधन अति आवश्यक है। जल है तो कल है। आपने बताया कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश भर में जल संरक्षण के लिए चलाई गई मुहिम का परिणाम गांव गांव में देखने को मिल रहा है। जो सुखद है। 

प्रस्तुतकर्ता

गजेंद्र द्विवेदी

*जिले भर में खुशियों की दास्तां जल संरक्षण के कार्य को बच्चे बूढ़े, विद्यार्थी, महिलाएं, जवान भी सहयोग प्रदान कर रहे है*

(पढ़िए मध्य प्रदेश हेड राजमणि पांडे की रिपोर्ट)

खुशियों की दास्तां
बिरहुलिया ग्राम के बच्चे भी वाकिफ है जल के संरक्षण के महत्व से

मध्य प्रदेश जिला उमरिया- जिले में जल संरक्षण अभियान जन अभियान का स्वरूप लेता जा रहा है। जल संरक्षण के कार्य को बच्चे बूढ़े, विद्यार्थी, महिलाएं, जवान सभी अपना सहयोग प्रदान कर रहे है। आजादी के 75वें वर्ष को अमृत महोत्सव वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के आव्हान पर गांव गांव में जल संरक्षण के महत्व तथा वर्षा के जल के बूंद-बूंद संरक्षण हेतु आम जन मानस को जागरूक किया जा रहा है।

ग्राम बिरहुलिया के 70 वर्षीय फूल सिंह ने बताया कि पूर्व सांसद ज्ञान सिंह की प्रेरणा से उन्होंने तालाब के निर्माण हेतु जमीन भी दान की है। पोतकीपानी नाले में बनाएं गए अमृत सरोवर 100 एकड़ जमीन में सिंचाई सुविधा का विस्तार होने के साथ ही भू जल स्तर में वृद्धि तथा आजीविका हेतु पशु पालन ,मत्स्य पालन तथा उद्यानिकी गतिविधियां संचालित हो सकेगी।

स्कूली छात्रा पुष्पा सिंह ने बताया कि अमृत सरोवर बन जाने से पशु पक्षियों तथा वन्य जीवों के साथ ही पालतू पशुओं को भी पीने हेतु पानी मिल सकेगा।

गांव की स्व सहायता समूह की महिला कृष्णा बाई ने बताया कि गांव वालों की बहु प्रतीक्षित मांग पूरी हो गई है।

तालाब का निर्माण ग्राम पंचायत द्वारा 13.75 लाख रूपये की लागत से कराया गया है। जिसमंे मेढ़ बंधान , वेस्ट वियर का निर्माण शामिल है। इसी तरह गांव की बेटी पुष्पा ने कहा कि मनुष्य तो अपने उपयोग एवं पीने के लिए पानी की कहीं से भी व्यवस्था कर लेता है लेकिन तालाब बन जानें से ग्रामीणों के साथ साथ पशु धन के लिए भी पीने का पानी तथा चारा आदि की व्यवस्था आसान हुई है।

केन्द्रीय जल शक्ति विभाग से आए प्रेक्षक योगेश मोहन दीक्षित ने बिरहुलिया ग्राम के बच्चों की जल संरक्षण एवं पशु पक्षियों के प्रति अगाध स्नेह को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को सुखमय बनाने हेतु जल संरक्षण संवर्धन एवं प्रबंधन अति आवश्यक है। जल है तो कल है। आपने बताया कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश भर में जल संरक्षण के लिए चलाई गई मुहिम का परिणाम गांव गांव में देखने को मिल रहा है। जो सुखद है।
प्रस्तुतकर्ता
गजेंद्र द्विवेदी

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