*म.प्र.के 25 जिलों में एक वर्ष के अंदर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का संगठन होगा खड़ा – विभा पांडे*
अनुपपुर जिला मध्यप्रदेश

म.प्र.के 25 जिलों में एक वर्ष के अंदर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का संगठन होगा खड़ा – विभा पांडे
संवाददाता – चंद्रभान सिंह राठौर संभागीय ब्यूरो चीफ
अनूपपुर/डोला
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन एटक का प्रांतीय सम्मेलन मोती महल होटल में किया गया कामरेड गायत्री बाजपेई शिवनी कामरेड रानी द्विवेदी सीधी कामरेड गीता मिश्रा कामरेड रेखा तिवारी सिंगरौली कामरेड अंजली श्रीवास्तव अनूपपुर कामरेड बिना फाय बालाघाट कामरेड सारिका गुना आदि के अध्यक्ष मंडल में संपन्न हुआ

सर्वप्रथम एटक मध्य प्रदेश के महामंत्री कामरेड अजीत कुमार जैन स्नेह सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश सरकार कि मजदूर विरोधी नीतियों से हमें संघर्ष करना पड़ेगा उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता महज मात्र 10 हजार रुपए में पूरे महीने काम करती हैं दुर्भाग्य है कि मध्य प्रदेश की सरकार 2019 से बढ़ा हुआ
15 सौ रुपए का भुगतान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को नहीं कर रही है महाराष्ट्र में सावित्रीबाई फुले नए जमाने से लोहा लेकर शिक्षा की शुरुआत की थी किंतु वो दलित थी इसलिए शिक्षक दिवस उनके नाम से नहीं किया गया अभी भी समाज में ऊंचे पद पर बैठे लोगों के नाम से ही दिवस मनाया जाते हैं इससे बड़ा सामाजिक असमानता का कोई और उदाहरण नहीं हो सकता है।
विगत 100 वर्ष से संघर्ष कर रहा एटक
एटक द्वारा बताया गया कि आपकी भी लड़ाई हम लड़ेंगे और मुकाम तक पहुंच जाएंगे हमें खुशी है इतने कम समय में मध्य प्रदेश के 13 जिलों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का काम चालू हो गया है 1 साल के अंदर एटक को 25 जिलों में संगठन का फैलाव करना होगा मुख्य वक्ता एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को संगठित करने में अहम रोल का निर्वहन करने वाले एटक मध्य प्रदेश के अध्यक्ष कामरेड हरिद्वार सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका गांव में काम करते हैं सारे प्रकार के काम इनसे लिए जाते हैं किंतु बहुत कम मानदेय दिया जाता है
हम सब लोग मिलकर के संघर्ष करेंगे और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं एवं मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को न्याय दिलाएंगे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन के प्रांतीय महासचिव कामरेड विभा पांडे ने रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहां कोविड-19 के कारण हमें और हमारे कार्यकर्ताओं को काम करने के लिए ज्यादा वक्त नहीं मिला फिर भी 6 माह के अंदर 13 जिलों में संगठन का फैला हुआ है यह एटक के नेताओं एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के मेहनत का परिणाम है एटक के नेताओं ने खासतौर से कोयला क्षेत्र में काम करने वाले साथियों ने जो सहयोग किया है
हम उनके सदैव आभारी रहेंगे कामरेड विभा पांडे ने अपने रिपोर्ट में कहा कि एटक मध्य प्रदेश के उपाध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय जबलपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता कामरेड अरविंद श्रीवास्तव ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए उच्च न्यायालय जबलपुर में दो रिट दायर किए हैं पहला मानदेय की कटौती के सवाल पर और दूसरा पोषण ट्रैकर एप डाउनलोड कर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को परेशान करने के शासन के आदेश के विरुद्ध और दोनों मामले में माननीय उच्च न्यायालय ने दखल देकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाया और मध्य प्रदेश सरकार को चेतावनी दिया लताड़ा और 15 सौ रुपये प्रतिमाह देने के निर्देश भी दिए।
न्यायालय के आदेश भी हो गए कोरे साबित
मध्य प्रदेश की बेईमान सरकार शपथ पत्र न्यायालय में देकर और भुगतान नहीं किया इस अन्याय के खिलाफ भी कामरेड अरविंद श्रीवास्तव ने सीट दायर किया है कामरेड अरविंद श्रीवास्तव ने घोषणा किया है आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से न्यायालय में पैरवी करने के लिए किसी भी तरह की फीस नहीं लिया जाएगा इससे हमें बहुत मदद मिल रही है और संगठन के फैलाव में हमारे बहनों का विश्वास बढ़ रहा है
हम पहले भी दूसरे संगठन में थे चंदा उगाही और भीड़ इकट्ठा करने के काम के अलावे कभी भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को लाभ मिले इस पर गंभीरता से कभी चर्चा नहीं होती थी हम एक नए वातावरण में नए सहयोग के साथ काम कर रहे हैं और निश्चित रूप से जैसा कि एटक के महासचिव ने उद्घाटन भाषण में आशा व्यक्त की है।
25 जिलों में फैलाओ होते ही एटक द्वारा किया जायेगा 2 दिवस का सम्मेलन
1 साल के अंदर 25 जिलों में हमारा फैलाव होगा और तब 1 दिन का नहीं हम 2 दिन का सम्मेलन करेंगे कामरेड विभा पांडे की रिपोर्ट पर 12 साथियों ने हिस्सा लिया कामरेड अरविंद श्रीवास्तव अधिवक्ता उच्च न्यायालय जबलपुर ने कहा हम आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से सहायिकाओं से या मध्यान भोजन कर्मी से उच्च न्यायालय में पैरवी करने के लिए कोई फीस नहीं लेते हैं यह आपके ऊपर एहसान नहीं करते हैं हम 41 वर्षों से लाल झंडा उठाकर बेजुबान लोगों के लिए आवाज उठा रहे हैं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका एवं मध्यान भोजन कर्मी गांव में काम करती हैं
किंतु मानदेय के नाम पर मात्र 10 हजार रुपए मिलता है और मध्यान भोजन कर्मी को मात्र दो हजार रुपए मिलता है यह सरकार के माथे पर कलंक है हम इस लड़ाई को लिए लड़ेंगे हम इनके नियमितीकरण के लिए भी न्यायालय में चुनौती देंगे और हमें भरोसा है कि इन्हें न्याय मिलेगा उन्होंने कहा कि पूरी ताकत से एटक का विस्तार करिए मैदानी लड़ाई एवं न्यायालय की लड़ाई दोनों मिलकर के और जीतेंगे और जरूर जीतेंगे कामरेड विभा पांडे ने सभी लोगों की बात सुनकर भावुक होकर उन्होंने कहा मेरे ऊपर एटक जो भरोसा किया है हम विश्वास के साथ एलान करते हैं कि हम 25 जिलों में 1 साल के अंदर संगठन का विस्तार करेंगे और सम्मेलन करेंगे
तत्पश्चात आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का प्रांतीय कमेटी का गठन किया गया जिसमें अध्यक्ष कामरेड गायत्री बाजपेई कार्यवाहक अध्यक्ष कामरेड गीता मिश्रा उपाध्यक्ष रानी द्विवेदी कामरेड उर्मिला पटेल कामरेड मीना गुप्ता कामरेड अंजली श्रीवास्तव कामरेड शीला मिश्रा कामरेड बीना फाय महासचिव कामरेड विभा पांडे कोषाध्यक्ष कामरेड प्रेमलता मिश्रा संयुक्त सचिव कामरेड अनीता सिंह कामरेड रेखा तिवारी कामरेड कुसुम सिंह कामरेड लीला बांधव कामरेड स्मिता सिंह संगठन के प्रवक्ता कामरेड प्रियंका पांडे आदि पदाधिकारी बनाए गए कार्यकारिणी में कामरेड अनसूया ठाकुर कामरेड उर्मिला पाव कामरेड रामा कांति कामरेड सुषमा यादव कामरेड मनिया कामरेड सत्यवती साहू कामरेड अफसाना बेगम कामरेड लक्ष्मी कामरेड भोमिया ऑग्रे आदि का चयन किया गया।
एटक के साथ कन्धे से कंधा मिलाकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता करेंगे आंदोलन
24 सितंबर को राष्ट्रीय आंदोलन के साथ एटक कंधे से कंधा मिलाकर के आंदोलन में उतरेगा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बढ़-चढ़कर के हिस्सा लेंगे नवनिर्वाचित प्रांतीय अध्यक्ष कामरेड गायत्री बाजपेई एवं कामरेड विभा पांडे का उपस्थित समस्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया सभी पदाधिकारियों का स्वागत किया गया अंत में शहडोल जिले के जिला सचिव कामरेड प्रेमलता मिश्रा ने समस्त अतिथियों एवं प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि इतना बेहतर सम्मेलन पहली बार हुआ है इस सम्मेलन व्यर्थ नहीं जाएगा सम्मेलन से उर्जा लेकर हमारी सारी बहन मध्य प्रदेश के कोने-कोने में संगठन का फैलाव करेंगे उत्साह पूर्ण वातावरण में सम्मेलन की समाप्ति की घोषणा की गई।




