*तो कैसे मिलेगा सरकार की योजनाओं का लाभ दलालों के चंगुल में फंसा भारतीय स्टेट बैंक, सीधे नहीं होता हितग्राहियों का काम*
अनुपपुर जिला मध्यप्रदेश

तो कैसे मिलेगा सरकार की योजनाओं का लाभ
दलालों के चंगुल में फंसा भारतीय स्टेट बैंक, सीधे नहीं होता हितग्राहियों का काम
इंट्रो – कोतमा भारतीय स्टेट बैंक में मची भर्रेशाही से आम लोग खासे परेशान हैं यहां पर दलालों का ही बोलबाला है इन दलालों को और कोई नहीं बैंक के कर्मचारियों ने खुद पाल रखे हैं, अगर दलाल के माध्यम से आप बैंक पहुंचते हैं तो काम फटाफट नहीं तो आपका काम लटकता ही रह जाएगा इन दिनों लोन पास कराने के नाम पर दलालों ने अपना कोतमा स्टेट बैंक को ही ठीहा समझ लिया है यहां से भोले भाले आम लोगों को अच्छी कमीशन लेकर लोन पास कराने का आश्वासन देकर लोन पास कर आते हैं ,अगर इन दलाल के माध्यम से लोन पास नहीं कराया जाता तो लोन ही नहीं हो पाएगा तो ऐसे में कैसे सरकार की योजनाओं का लाभ आम लोगों को मिल पाएगा अब तक समझ से परे है !
अनूपपुर – सरकार की मनसा रही है कि बैंकों के माध्यम से सीधे आम लोगों तक ऋण उपलब्ध कराए जाएं आम आदमी को शासन की योजनाओं का लाभ तो नहीं मिल सका लेकिन हां परेशान जरूर हो गए, जबकि शासन के सख्त निर्देश है कि हितग्राही अगर बैंक आता है तो जल्द से जल्द उसका काम कर उसे पैसे उपलब्ध कराए जाएं लेकिन यहां पर तो मची भरेंशाही से ऐसा ही प्रतीत होता है कि आम लोगों की कोई पूछ परख है ही नहीं हां यह बात जरूर है कि भारतीय स्टेट बैंक के मैनेजर साहब यह कहते नजर आ रहे हैं कि जिनको शिकायत हो वह मुझसे व्यक्तिगत मिले, मजे की बात तो यह है कि काम आम आदमी का होता नहीं शिकायत करने मैनेजर साहब के पास जरूर पहुंच जाइए अब उस शिकायत पर कब तक अमल होगा है यह नहीं कहा जा सकता !
यह है ऋण लेने की प्रक्रिया
मिली जानकारी के अनुसार आम आदमी को अगर ऋण लेना हो तो सीधे स्टेट बैंक में जाकर आवेदन करेगा इसके बाद फील्ड मैनेजर सारे दस्तावेजों जो की मांग करेगा, दस्तावेज की जांच करने के बाद आरएसीसी विभाग को ॠण के लिए आवेदन भेज देगा, अब खेला यही होता है अगर दलाल के माध्यम से या आवेदन इस विभाग में पहुंचता है तो ॠण पास होगा नहीं तो र
ॠण वहीं पर कैंसिल हो जाएगी क्योंकि आरएसीसी विभाग को ऋण देने का ना देने का अधिकार होता है, सारे दौड़-धूप करने के बाद अंत में हितग्राही आम लोगों को निराशा हाथ लगती है इसलिए आम लोग दलाल को ही चुनना पसंद करते हैं कहीं ना कहीं इस पूरे खेल में स्टेट बैंक के भी कर्मचारियों की मिली भगत साफ उजागर होती है, गौरतलब है कि हाल ही के दिनों आम लोगों को ऋण उपलब्ध न कराने पर अनूपपुर कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर ने फटकार लगाते हुए भारतीय स्टेट बैंक सहित शाखा को या आदेशित किया था कि जल्द से जल्द उपलब्ध कराएं नहीं तो ॠण के पैसे प्राइवेट सेक्टर बैंक को उपलब्ध करा दिए जाएंगे और वहीं से ऋण बांटे जाएंगे !
इन दलालों का है बोलबाला
मिली जानकारी के अनुसार भारतीय स्टेट बैंक कोतमा में कुछ बाहरी दलाल तो कुछ अंदर के ही दलाल लोन पास कराने का जिम्मा ले रखे हैं इनका पूरा सहयोग स्टेट बैंक स्थित कर्मचारी करते हैं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोमन, अफजल, बीके, विजय, राजा राम, रामदास, सुखी जैसे कई बैंक दलाल सक्रिय हैं और इनकी पहुंच सीधे यहां के लोन डिपार्टमेंट के कर्मचारियों से होती है इनके संपर्क में आने के बाद ही लोन पास हो पाना संभव हो पाता है हालांकि ब्रांच मैनेजर यह कहते नजर आ रहे हैं कि अगर लोगों को परेशानी हो रही है तो वह आकर मेरे से सीधे मिल सकते हैं !
इनका कहना है
हां यह बात सही है की ऋण उपलब्ध कराने में कुछ देरी हुई है लेकिन यहां पर दलाल नहीं है अगर दलालों की शिकायत मेरे पास आती है तो मैं तत्काल ही कार्यवाही करूंगा, साथ ही बैंक में जिन्हें भी ऋण लेना है किसी प्रकार से परेशानी होती है तो आकर मुझसे सीधे संपर्क कर सकता है !
शिवप्रसाद
ब्रांच मैनेजर भारतीय स्टेट बैंक कोतमा




