*जिला अनूपपुर में देखिए शासन को कैसे लगाया जाता है चूना, शासन कि आंखो में बांधी जाती है नोटों कि पट्टी*
जिला अनूपपुर मध्य प्रदेश

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👉 *देखिए शासन को कैसे लगाया जाता है चूना, शासन कि आंखो में बांधी जाती है नोटों कि पट्टी
👉 *हे कलेक्टर महोदय इधर भी ध्यान दें,आप के सरपंच,सचिव नशा अभियान को लगा रहे पलीता,सरकार के पैसों से तम्बाखू,चूना की खरीदी* 👈
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अनूपपुर – भृष्टचार की हद तो देखिए एक तरफ जहां सरकारें नशा मुक्ति अभियान की ढींगे पीटती है,वही उनके अधिकारी कर्मचारी सरकारी पैसे से अपने नशे की लत को पूरी करने से बाज नही आ रहे,हद तो ये है जिला प्रशासन को सायद कानो कान खबर भी नही होती जबकि विभाग से बाकायदा बिल लगा कर पैसे की निकासी की गई
क्या है मामला
अनूपपुर जिले की जनपद पुष्पराजगढ़ के ग्रामपंचायत बरबसपुर के सरपंच सचिव ने एक कारनामा ऐसा कर दिया जिससे सरकार के नशा मुक्ति अभियान को पलीता लग गया दरसल ग्रामपंचायत में एक बिल राजकुमार मिष्ठान भंडार ग्राम राजेन्द्रग्राम का बिल पन्द्र अगस्त सामग्री के नाम पर नौ हजार आठ सौ का लगाया गया जिसमें बूंदी नमकीन सहित जो भी सामग्री होटल में मिलती है का बिल लगाया गया साथ ही उस बिल में तम्बाखू चूने का भुगतान किया गया जिसमें तम्बाखू दो पैकेट बीस के दर से चालीस रुपये और दस की दर से चूना एक पैकेट लिया गया है जो अपने आप मे कई सवाल खड़ा करता है कि पंद्रह अगस्त के शुभ औसर पर सरपंच सचिव अपने निजी नशे के सौख पूरे कर रहे है
ग्रामपंचायत के सरपंच गोरेलाल और सचिव सचिव लाखन सिंह मरावी ने इस बिल के माध्यम से ये साफ कर दिया कि ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव
अपने सारे ऐसो आराम फर्जी बिलों से करते है और प्रशासन को इस बात की कानो कान खबर न होना प्रशासन की काबिलियत पर सवाल खड़े करता है
कैसे हो गया बिल पास
सबसे बड़ी चौंकाने बाली बात तो यह है कि तम्बाखू चूने का बिल पास कैसे हो गया दूसरी तरफ मिष्ठान भंडार से तम्बाखू चूने की खरीदी समझ से परे है तो जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वहां के अधिकारी कर्मचारी क्या कर रहे थे जब ऐसा बिल लगा क्यों न इन सभी जिम्मेदारों पर कड़ी कार्यवाही करते हुए सरकारी पैसे से नशा अभियान को बढ़ाने वालों को या तो जिला कलेक्टर प्रसस्ति पत्र दे कर आने वाले 26 जनवरी को सम्मानित करवया जाये या फिर कलेक्टर अनूपपुर इस गंभीर मुद्दे को संज्ञान में लेते हुए कड़ी कार्यवाही की जाए ताकि ऐसे कृत्य करने वाले जिम्मदारों पर रोक लगाई जा सके।
👉 *बिना जीएसटी और टिन नंबर के किए जा रहे आहरण* 👈
इससे पूर्व भी ग्राम पंचायत में कई निर्माणाधीन कार्यों के बिल वाउचर बिना जीएसटी और टिन नंबर के लगाकर शासकीय पैसों का आहरण किया जा चुका है और किसी के पूछे जाने पर दबाव बनाए जाने जा धमकी दिए जाने की बातें सामने आती हैं।
👉 *पूर्व के शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्यवाही* 👈
ग्राम पंचायत में इससे पूर्व कई शिकायतें की गई हैं परंतु इन पर किसी भी तरह की कार्यवाही नहीं हुई बल्कि आपसी सांठगांठ की वजह से गोल गोल घुमा कर कागजी कार्यवाही करते हुए इन्हें शायरियां गया और पूर्णता छूट भी दी गई।




