*मेहनतकश लोग संघर्षों में आगे हैं तो राजनीति में भी सबसे आगे होना होगा*
अनुपपूर जिला मध्य प्रदेश

मेहनतकश लोग संघर्षों में आगे हैं तो राजनीति में भी सबसे आगे होना होगा
सीपीएम अनूपपुर जिला सम्मेलन में बोले राज्य सचिव जसविंदर सिंह
रिपोर्टर :- संभागीय ब्यूरो चीफ चंद्रभान सिंह राठौर
कोतमा/देश की प्रमुख वामपंथी पार्टी सीपीएम का चौथा अनूपपुर जिला सम्मेलन संगठन के राज्य नेताओं की मौजूदगी में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में जिले भर की सदस्यता के आधार पर चुने गए प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सम्मेलन का समापन भाषण सीपीएम राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने दिया।

देश और प्रदेश की सामाजिक आर्थिक स्थितियों का विस्तार से जिक्र करते हुए उन्होंने इन्हें आजादी के बाद की सबसे विकराल और जनता के लिए दुखदायी हालात करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा कारपोरेट के लिए ही काम नही कर रही, जनता की एकता को विभाजित भी कर रही है।

हालत यह है कि खाद्यान्न से लेकर जीवन के हर पैमाने पर आमजन अब तक की सबसे खराब स्थिति में है। सरकार उनपर ध्यान देने की बजाय तीन कृषि कानून, चार लेबर कोड और महंगाई, बेरोजगारी के जरिये और बढ़ा रही है।
जसविंदर सिंह ने खुशी जताई कि माकपा पिछले दौर में लड़ाई के हर मोर्चे पर आगे रही। मजदूर, किसान, महिला, छात्र युवाओ की समस्याओं पर अनूपपुर में भी सबसे आगे रही। उन्होंने कहा कि मेहनतकश लोग संघर्षों में आगे हैं तो उन्हें राजनीति में भी सबसे आगे होना होगा। इस काम को सिर्फ माकपा ही कर सकती है जो समाज के पसीना बहाने वाले लोगों से नेतृत्व निकालती है।

सम्मेलन को माकपा के वरिष्ठ नेता बादल सरोज तथा राज्य सचिवमण्डल सदस्या व अनूपपुर की प्रभारी नीना शर्मा ने भी संबोधित किया।
जिला सचिव भगवानदास राठौर द्वारा रखी गई तीन वर्षों की राजनीतिक सांगठनिक रिपोर्ट पर दर्जन भर से ज्यादा वक्ता अब तक बोल चुके हैं।
सम्मेलन ने जुल्म अन्याय से जूझ रहे मोजरबेयर के मजदूरों तथा विस्थापितों, कोयला निजीकरण के खिलाफ लड़ रहे श्रमिकों, जमीन के लिए लड़ रहे आदिवासियों तथा भूमिहीनों, बेरोजगारी से जूझते युवाओं के समर्थन में प्रस्ताव पारित किये। महिलाओं के लायक समाज बनाने के लिए लड़ने का संकल्प लिया।
जुगल किशोर राठौर, रमेश सिंह राठौर, पी के खंडाई तथा श्रीमती सुनीता विश्वकर्मा के अध्यक्ष मण्डल के संचालन में हुए सम्मेलन में चर्चा के दौरान अनेक जनमुद्दे उठे और उनपर संघर्ष का कार्यक्रम बना।
प्रेषक
जुगल किशोर राठौर




